ड्राइवर मुंबई में, ट्रक सुलतानपुर में और टैक्स का नोटिस घर पर! कागजों के खेल पर CJM कोर्ट सख्त

सुलतानपुर में तीन ट्रकों के बकाया टैक्स की वसूली के लिए वास्तविक वाहन मालिकों के बजाय एक दूसरे व्यक्ति के घर आरसी भेजने के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। मामले में तत्कालीन एआरटीओ और क्लर्क पर आधार कार्ड के कथित दुरुपयोग और मिलीभगत का आरोप लगाया गया है।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 11 September 2026, 1:32 PM IST
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Sultanpur: सुलतानपुर में तीन ट्रकों के बकाया टैक्स की वसूली के लिए गलत व्यक्ति के नाम आरसी भेजे जाने के मामले में अदालत ने गंभीर रुख अपनाया है। इस मामले में तत्कालीन एआरटीओ नंदकुमार और तत्कालीन क्लर्क पारसनाथ पर कथित मिलीभगत से फर्जीवाड़ा करने के आरोप लगाए गए हैं।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत की अदालत ने मामले में दाखिल अर्जी पर संज्ञान लेते हुए एआरटीओ सुलतानपुर और आरटीओ अयोध्या मंडल से जवाब मांगा है। अदालत ने दोनों अधिकारियों से मामले की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी।

घर पहुंची तीन ट्रकों के टैक्स की आरसी

बंधुआकला थाना क्षेत्र के राइन नगर निवासी मो. साहिल ने अदालत में अर्जी दाखिल कर पूरे मामले की शिकायत की है। साहिल के मुताबिक, वह मुंबई में रहकर ड्राइवरी का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि 21 जून को तहसील से एक अमीन उनके घर पहुंचा। अमीन अपने साथ तीन ट्रकों के बकाया टैक्स की वसूली से संबंधित आरसी लेकर आया था। आरसी देखकर साहिल हैरान रह गए, क्योंकि उनका कहना है कि उन्हें इन तीनों ट्रकों के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है।

साहिल के अनुसार, उन्होंने जब मामले की जानकारी अपने परिवार को दी तो उनके पिता एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। वहां दस्तावेजों की जांच कराने पर कथित तौर पर सामने आया कि तीनों ट्रक कागजों में साहिल के नाम दर्ज हैं।

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आधार कार्ड का कथित तौर पर हुआ इस्तेमाल

साहिल ने अदालत में आरोप लगाया है कि तीनों वाहनों के दस्तावेजों में उनका आधार कार्ड लगाया गया है। हालांकि, अभिलेखों में दर्ज फोटो और मोबाइल नंबर किसी अन्य व्यक्ति के बताए गए हैं। इससे उन्हें आशंका हुई कि उनके आधार कार्ड की जानकारी का गलत इस्तेमाल कर वाहनों को उनके नाम पर दर्ज कराया गया। साहिल का कहना है कि उन्होंने इन ट्रकों को न तो खरीदा है और न ही इनके पंजीयन से उनका कोई संबंध है।

मामले को लेकर उन्होंने तत्कालीन एआरटीओ नंदकुमार और तत्कालीन क्लर्क पारसनाथ पर अज्ञात लोगों के साथ कथित सांठगांठ करने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि इसी मिलीभगत के जरिए उनके आधार दस्तावेजों का इस्तेमाल कर वाहनों से संबंधित रिकॉर्ड तैयार किए गए।

बुलंदशहर में पंजीकृत हैं तीनों ट्रक

शिकायत के मुताबिक, तीनों ट्रकों का पंजीयन बुलंदशहर जिले से संबंधित है। वहीं, वाहनों का रिकॉर्ड एआरटीओ कार्यालय सुलतानपुर में भी दर्ज होने की बात सामने आई है। साहिल का आरोप है कि वाहनों के दस्तावेजों में उनकी व्यक्तिगत जानकारी का इस्तेमाल किए जाने के बावजूद फोटो और मोबाइल नंबर किसी अन्य व्यक्ति का दर्ज होना पूरे मामले को संदिग्ध बनाता है। इसी आधार पर उन्होंने पूरे रिकॉर्ड की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

डीएम और एसपी से भी की थी शिकायत

साहिल ने बताया कि मामले की जानकारी सामने आने के बाद उन्होंने इसकी शिकायत जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से भी की थी। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद जब अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने न्याय के लिए अदालत का रुख किया। अब सीजेएम कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित परिवहन अधिकारियों से जवाब मांगा है। अदालत की ओर से जवाब-तलब किए जाने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर उम्मीद बढ़ी है।

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 अगली सुनवाई 25 सितंबर को 

अदालत ने एआरटीओ सुलतानपुर और आरटीओ अयोध्या मंडल से मामले में जवाब मांगा है। अब 25 सितंबर को होने वाली सुनवाई में अधिकारियों की ओर से क्या जवाब दिया जाता है, इस पर नजर रहेगी।

फिलहाल मामला आरोपों और दस्तावेजों की जांच के स्तर पर है। अदालत के आदेश और संबंधित अधिकारियों के जवाब के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि तीनों ट्रकों के दस्तावेजों में साहिल के आधार कार्ड का इस्तेमाल कैसे हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

Location :  Sultanpur

Published :  11 September 2026, 1:32 PM IST

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