176 वर्षों की अटूट विरासत: सुमेरपुर में लौटेगा ‘द्वापर युग’, सड़कों पर सजीव होगा ‘कृष्ण लोक’!

बुंदेलखंड के सुमेरपुर में 176 साल पुरानी तीजा मेले की परंपरा एक बार फिर लोगों को अपनी ओर खींचने जा रही है। 14 सितंबर से शुरू होने वाले तीन दिवसीय मेले में श्रीकृष्ण की झांकियों से लेकर नागनाथ लीला और कंस वध तक कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 11 September 2026, 1:15 PM IST
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Hamirpur: बुंदेलखंड के सुमेरपुर में 176 साल पुरानी तीजा मेले की परंपरा एक बार फिर लोगों को अपनी ओर खींचने जा रही है। 14 सितंबर से शुरू होने वाले तीन दिवसीय मेले में श्रीकृष्ण की झांकियों से लेकर नागनाथ लीला और कंस वध तक कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

14 सितंबर से शुरू होगा तीन दिवसीय मेला

बुंदेलखंड की धरती पर लगने वाला सुमेरपुर का प्रसिद्ध तीजा मेला इस बार 14 सितंबर से शुरू होगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस मेले में आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंचेंगे। अनुमान है कि मेले में करीब दो लाख लोगों की भीड़ जुट सकती है।

करीब 176 साल से चली आ रही इस परंपरा ने समय के साथ कई बदलाव देखे हैं, लेकिन मेले की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक पहचान आज भी कायम है। हर साल लोग इस आयोजन का बेसब्री से इंतजार करते हैं।

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सड़कों पर दिखेगा श्रीकृष्ण का संसार

तीजा मेले की सबसे खास बात यहां होने वाले धार्मिक आयोजन हैं। मेले के दौरान सड़कों पर भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी भव्य झांकियां निकाली जाएंगी। ढोल-नगाड़ों और शोभायात्रा के बीच पूरा माहौल भक्तिमय नजर आएगा।

हरचंदन तालाब में होने वाली नागनाथ लीला भी मेले का प्रमुख आकर्षण रहेगी। इसके अलावा कंस वध का मंचन लोगों में रोमांच पैदा करेगा। इन आयोजनों के जरिए भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को लोगों के सामने जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाता है।

लोक संस्कृति की भी दिखेगी झलक

सुमेरपुर का तीजा मेला केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है। इसमें बुंदेलखंड की पारंपरिक लोक संस्कृति भी देखने को मिलती है। रासलीला, लोकगीत और दंगल जैसे कार्यक्रम लोगों का मनोरंजन करते हैं।

मेले में बच्चों और परिवारों के लिए तरह-तरह के झूले लगाए जाते हैं। इसके साथ ही बाजार में अलग-अलग तरह की दुकानें सजती हैं। मेले की रौनक में खान-पान, खरीदारी और मनोरंजन का भी खास रंग देखने को मिलता है।

प्रशासन ने पूरी की तैयारियां

मेले में संभावित भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, रोशनी और पेयजल की व्यवस्था को बेहतर बनाया गया है। लोगों की सुरक्षा के लिए भी पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।

प्रशासन की ओर से मेले के दौरान पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि भीड़ को नियंत्रित करने के साथ किसी भी तरह की परेशानी से निपटा जा सके। श्रद्धालुओं और दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रमुख स्थानों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त की गई हैं।

भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक

मेले में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में रूट डायवर्जन लागू रहेगा। साथ ही मेले के दौरान भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी।

इस व्यवस्था का उद्देश्य मेला क्षेत्र में यातायात का दबाव कम करना और श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुरक्षित बनाना है। प्रशासन ने लोगों से यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

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आज भी कायम है भाईचारे की परंपरा

करीब 176 वर्षों का सफर तय करने के बावजूद सुमेरपुर का तीजा मेला आज भी अपनी पुरानी पहचान बनाए हुए है। यह आयोजन लोगों को धार्मिक आस्था से जोड़ने के साथ ही बुंदेलखंड की लोक परंपराओं और संस्कृति को आगे बढ़ाने का काम करता है।

Location :  Hamirpur

Published :  11 September 2026, 1:15 PM IST

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