25 अगस्त को आखिरी बार हुई बात… फिर नेपाल में लापता हो गए सीतापुर के 3 युवक, परिवारों की टूटी नींद

नेपाल में आई भीषण त्रासदी के बाद सीतापुर के तीन युवकों के लापता होने से उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है। तीनों युवक नेपाल के त्रिशूल हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की टनल में काम करते थे। 25 अगस्त को परिजनों से बातचीत के बाद उनका संपर्क टूट गया। कई दिनों से कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिवारों ने प्रशासन से मदद मांगी है। सीतापुर डीएम ने राहत आयुक्त को पत्र भेजकर जानकारी जुटाने का अनुरोध किया है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 30 August 2026, 6:26 PM IST
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Sitapur: नेपाल में आई भीषण त्रासदी के बीच सीतापुर के तीन परिवारों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। नेपाल के त्रिशूल हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की टनल में काम करने वाले सीतापुर के तीन युवक अचानक लापता हो गए हैं। 25 अगस्त को परिजनों से फोन पर बातचीत होने के बाद तीनों से संपर्क टूट गया। कई दिनों से फोन नहीं लगने और कोई जानकारी नहीं मिलने के कारण परिवार के लोग परेशान हैं।

लापता युवकों की पहचान ऋषिपाल सिंह, पपिंदर सिंह और शमशेर सिंह के रूप में हुई है। तीनों थाना गांज क्षेत्र के निबियाघोड़ गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं। परिजनों के मुताबिक, तीनों पिछले करीब पांच वर्षों से नेपाल में रहकर काम कर रहे थे।

हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की टनल में करते थे काम

परिजनों के अनुसार, ऋषिपाल सिंह अपने साथियों के साथ नेपाल के त्रिशूल हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में काम करता था। बताया जा रहा है कि वह प्रोजेक्ट की टनल में क्रेन और ट्रक ऑपरेटर के तौर पर काम कर रहा था। पपिंदर सिंह और शमशेर सिंह भी उसके साथ नेपाल में रहकर काम करते थे। तीनों लंबे समय से नेपाल में होने के कारण वहां के काम और इलाके से परिचित थे। परिवार के लोग भी लगातार उनके संपर्क में रहते थे।

25 अगस्त को हुई थी आखिरी बातचीत

परिजनों ने बताया कि 25 अगस्त को युवकों में से एक की अपने पिता हरजिंदर सिंह से फोन पर बातचीत हुई थी। उस समय तक सबकुछ सामान्य था। इसके बाद अचानक तीनों से संपर्क नहीं हो सका। परिवार के लोगों ने युवकों के मोबाइल फोन पर कई बार कॉल की। अलग-अलग माध्यमों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। नेपाल में हालात खराब होने की जानकारी के बीच जब लगातार कई दिनों तक बेटों की खबर नहीं मिली तो परिवार की चिंता और बढ़ गई।

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रेस्क्यू किए गए लोगों की सूची में भी नाम नहीं

परिजनों की चिंता उस समय और बढ़ गई जब नेपाल में राहत एवं बचाव अभियान के दौरान रेस्क्यू किए गए लोगों की सूची जारी की गई। परिवार के मुताबिक, इस सूची में तीनों युवकों के नाम नहीं मिले। अब परिजनों को यह जानकारी नहीं है कि तीनों युवक कहां हैं और उनकी स्थिति कैसी है। परिवार लगातार उम्मीद लगाए हुए है कि राहत एवं बचाव अभियान के दौरान तीनों को सुरक्षित खोज लिया जाएगा।

डीएम ने राहत आयुक्त को भेजा पत्र

मामले की गंभीरता को देखते हुए सीतापुर प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। सीतापुर के डीएम राजा गणपति आर. ने राहत आयुक्त को पत्र भेजकर नेपाल में लापता तीनों युवकों की तलाश और उनकी स्थिति की जानकारी जुटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है। प्रशासन की ओर से नेपाल में संबंधित अधिकारियों से संपर्क स्थापित कर युवकों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। परिवारों को भी प्रशासन की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिया जा रहा है।

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हरदोई में भी संपर्क कर रहे परिजन

एडीएम आयुष चौधरी के मुताबिक, तीनों युवक कुछ वर्ष पहले हरदोई जनपद में शिफ्ट हो गए थे। ऐसे में उनके परिजनों ने सीतापुर के साथ-साथ हरदोई में भी संबंधित लोगों और अधिकारियों से संपर्क किया है। प्रशासन दोनों स्थानों से जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहा है, ताकि नेपाल में लापता युवकों की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सके।

पांच साल से नेपाल में रहकर कर रहे थे काम

परिजनों के मुताबिक, तीनों युवक करीब पांच वर्षों से नेपाल में रहकर काम कर रहे थे। लंबे समय से घर से दूर रहने के बावजूद वे समय-समय पर परिवार के लोगों से फोन पर बातचीत करते थे। 25 अगस्त की बातचीत के बाद अचानक संपर्क टूटना परिवार के लिए सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है। परिजन लगातार मोबाइल पर कॉल कर रहे हैं, लेकिन संपर्क नहीं हो पा रहा है।

Location :  Sitapur

Published :  30 August 2026, 6:26 PM IST

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