कभी शाम ढलते ही पसरा रहता था सन्नाटा, आज बन गया पूर्वांचल का पेरिस; जानिए रामगढ़ताल की कायाकल्प की कहानी

कभी शाम ढलते ही सन्नाटे में डूबने वाला गोरखपुर का रामगढ़ताल आज 'पूर्वांचल के पेरिस' के रूप में अपनी नई पहचान बना चुका है।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 30 August 2026, 5:12 PM IST
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Gorakhpur: रामगढ़ ताल के आस-पास का इलाका जो कभी शाम होते ही सुनसान हो जाता था और लोग वहां से गुजरने में भी हिचकिचाते थे अब गोरखपुर की एक नई पहचान बन गया है। शाम होते ही यहां की शानदार रोशनी, पर्यटकों की भीड़ और बोटिंग जोन की खूबसूरती इसे पूर्वांचल क्षेत्र में एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित कर रही है।

बदलाव की कहानी चार दशक पहले हुई शुरू

रामगढ़ ताल का कायाकल्प लगभग चार दशक पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह के कार्यकाल में शुरू हुआ था। इसके बाद विभिन्न सरकारों ने झील क्षेत्र के विकास के लिए योजनाएं बनाईं और धीरे-धीरे इसके स्वरूप को बदल दिया।

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मायावती सरकार से लेकर मौजूदा प्रशासन तक विकास कार्य

रामगढ़ ताल क्षेत्र में विकास परियोजनाएं मायावती सरकार के कार्यकाल में भी शुरू की गई थीं। वहीं, मौजूदा सरकार के तहत बोटिंग जोन और आस-पास के इलाकों में तेजी से हुए विकास से पर्यटन सुविधाओं का विस्तार हुआ है।

बोटिंग जोन पर्यटकों के लिए एक नया बन गया आकर्षण

आज रामगढ़ ताल का बोटिंग जोन स्थानीय लोगों और दूर-दूर से आने वाले पर्यटकों, दोनों के लिए ही पहली पसंद बन गया है। शाम के समय यहां बड़ी संख्या में परिवार, युवा और आम सैलानी देखे जा सकते हैं। अक्सर पर्यटक झील की सुंदरता और शाम के मनमोहक नजारों को अपने कैमरों में कैद करते हुए दिखाई देते हैं।

देवरिया से आए पर्यटकों ने बदलाव की तारीफ की

देवरिया से आए पर्यटकों ने कहा कि गोरखपुर में काफी बदलाव आया है। रामगढ़ ताल और बोटिंग जोन घूमने के लिए शानदार जगहें बन गई हैं; शाम के समय यहां का माहौल वाकई मनमोहक होता है।

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एक वरिष्ठ पत्रकार ने पुराने दिनों को किया याद

रामगढ़ ताल के पुराने दिनों को याद करते हुए, वरिष्ठ पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता रामजी वर्मा ने बताया कि यहां व्यापार और मछली पकड़ना मुख्य गतिविधियां हुआ करती थीं। समय के साथ झील क्षेत्र का स्वरूप पूरी तरह से बदल गया है और आज यह पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है।

बदलता स्वरूप गोरखपुर को देता है एक नई पहचान

रामगढ़ ताल का कायाकल्प केवल पर्यटन विकास की कहानी नहीं है; यह गोरखपुर के बदलते शहरी स्वरूप का भी उदाहरण है। जो इलाका कभी वीरान लगता था, वह अब शाम होते ही रोशनी, चहल-पहल और पर्यटकों की भीड़ से जीवंत हो उठता है। इस बदलाव से गोरखपुर को पर्यटन के नक्शे पर एक नई पहचान मिल रही है।

Location :  Gorakhpur

Published :  30 August 2026, 5:11 PM IST

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