श्रावणी मेले में ‘मिठास’ पर बड़ा पहरा : पेड़ा बाजार में खाद्य सुरक्षा विभाग का शिकंजा, आखिर किस बात का है यह संकेत?

श्रावणी मेले के बीच देवघर के मशहूर पेड़ा बाजार में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई ने कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। जांच में संदिग्ध पेड़ा नष्ट किया गया, कई नमूने फेल मिले और जुर्माना भी लगा।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 5 August 2026, 8:41 PM IST
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Deoghar: बाबा बैद्यनाथ धाम की पहचान जितनी जलार्पण से है, उतनी ही यहां के प्रसिद्ध देवघर पेड़ा से भी है। श्रावणी मेले में हर साल लाखों श्रद्धालु प्रसाद के रूप में पेड़ा खरीदकर अपने घर ले जाते हैं। ऐसे में अगर पेड़े की गुणवत्ता पर सवाल उठे तो यह केवल व्यापार का नहीं, बल्कि बाबा के प्रसाद और श्रद्धालुओं की आस्था का भी विषय बन जाता है।

इसी वजह से इस बार श्रावणी मेले के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग ने पेड़ा बाजार पर ऐसी नजर टेढ़ी की है, जिसने पूरे कारोबारियों के बीच हलचल मचा दी है। बुधवार को विभाग की टीम ने शहर के प्रमुख पेड़ा प्रतिष्ठानों पर ताबड़तोड़ जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान 45 पेड़ा के नमूने लिए गए, जिनमें तीन नमूनों में गड़बड़ी मिली, जबकि करीब 42.5 किलो संदिग्ध पेड़ा मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। इसके अलावा तीन प्रतिष्ठानों पर जुर्माना भी लगाया गया।

देवघर का पेड़ा सिर्फ मिठाई नहीं, पहचान भी

देवघर आने वाला शायद ही कोई श्रद्धालु ऐसा होगा, जो यहां का पेड़ा लिए बिना लौटता हो। वर्षों से यह प्रसाद श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है। स्थानीय बाजार में मेले के दौरान प्रतिदिन कई क्विंटल पेड़े की बिक्री होती है। भीड़ बढ़ते ही मांग कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे समय में कुछ कारोबारी जल्द मुनाफा कमाने के लिए गुणवत्ता से समझौता कर बैठते हैं। यही वजह है कि हर श्रावणी मेले में खाद्य सुरक्षा विभाग की नजर सबसे पहले पेड़ा बाजार पर रहती है।

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किन-किन दुकानों तक पहुंची जांच टीम

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के कई चर्चित पेड़ा प्रतिष्ठानों और भोजनालयों का निरीक्षण किया। इनमें गंगा साह पेड़ा भंडार, गणेश पेड़ा भंडार, बैद्यनाथ पेड़ा भंडार, अर्पण पेड़ा भंडार, महावीर पेड़ा भंडार, श्री गंगा साह पेड़ा भंडार, बाबा पेड़ा भंडार, मां अर्पणा भोजनालय और अजय भोजनालय सहित अन्य प्रतिष्ठान शामिल रहे। टीम ने मौके पर मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब (एमएफटीएल) की सहायता से खाद्य पदार्थों की जांच भी की। कुल 45 नमूनों में से तीन नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।

42.5 किलो पेड़ा नष्ट

निरीक्षण के दौरान करीब 42.5 किलो संदिग्ध पेड़ा मौके पर ही नष्ट कराया गया। वहीं खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के उल्लंघन पर गंगा साह पेड़ा भंडार, श्री गंगा साह पेड़ा भंडार और शिव होटल एंड रेस्टोरेंट पर दो-दो हजार रुपये का ऑन-द-स्पॉट जुर्माना लगाया गया। साथ ही सभी कारोबारियों को सख्त चेतावनी दी गई कि केवल मानक अनुरूप और सुरक्षित खाद्य सामग्री का ही निर्माण एवं बिक्री करें।

अब आयोडीन से भी होगी मिलावट की जांच

विभाग ने कारोबारियों को निर्देश दिया है कि खोवा, पेड़ा और पनीर की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक खेप की आयोडीन टिंचर से जांच करें। अगर मिलावट की आशंका मिले तो उस सामग्री का उपयोग या बिक्री नहीं की जाए। साथ ही प्रतिष्ठानों में केवल मानक गुणवत्ता वाले कच्चे माल का ही इस्तेमाल करने को कहा गया है।

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लगातार कार्रवाई आखिर क्या संकेत देती है?

श्रावणी मेले में पिछले कुछ दिनों से खाद्य सुरक्षा विभाग की लगातार कार्रवाई यह साफ संदेश दे रही है कि प्रशासन इस बार किसी भी तरह की लापरवाही या मिलावट को नजरअंदाज करने के मूड में नहीं है। श्रद्धालुओं की संख्या हर दिन लाखों में पहुंच रही है। ऐसे में यदि एक भी मिलावटी खाद्य पदार्थ बाजार में पहुंचता है तो इसका असर हजारों लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।

व्यापारियों के लिए संदेश भी साफ

प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई किसी व्यापारी को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि देवघर की साख और श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए है। यदि कोई प्रतिष्ठान मिलावट या खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ केवल जुर्माना ही नहीं, बल्कि लाइसेंस निरस्तीकरण सहित खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

Location :  Deoghar

Published :  5 August 2026, 8:41 PM IST

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