“अगर मैं घूंघट करूंगी तो लड़का भी शेरवानी पहनकर घूमेगा”…सास से बोली दुल्हनिया, पढ़ें गाजियाबाद का दिलचस्प मामला

गाजियाबाद में घूंघट की परंपरा को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तलाक तक पहुंच गया है। परिवार परामर्श केंद्र में कई दौर की काउंसलिंग के बावजूद पति-पत्नी और दोनों परिवारों के बीच सहमति नहीं बन पाई। मामला अब कोर्ट में विचाराधीन है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 2 June 2026, 8:15 PM IST
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Ghaziabad Desk: परिवार परामर्श केंद्र में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया। शादी के कुल 2 दिन बाद शुरू हुआ विवाद अब तलाक की दहलीज तक पहुंच चुका है। मामला घूंघट करने की परंपरा को लेकर शुरू हुआ था, लेकिन धीरे-धीरे दोनों परिवारों के बीच इतना बढ़ गया कि रिश्ते को बचाने की सभी कोशिशें नाकाम साबित हुई।

एक साल पहले हुई थी शादी

गाजियाबाद के भोजपुर क्षेत्र की रहने वाली दीपिका (बदला हुआ नाम) की शादी करीब एक वर्ष पहले राजस्थान के अलवर निवासी रोहित से हुई थी। रोहित एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है, लेकिन दीपिका केवल हॉउस-वाइफ हैं।

दीपिका ने क्या-क्या आरोप लगाए?

दीपिका ने बताया कि शादी के तुरंत बाद से ही ससुराल वाले उस पर घूंघट करने का दबाव बनाने लगे। दीपिका का आरोप है कि यह सिर्फ एक पारिवारिक परंपरा नहीं थी, बल्कि लगातार इसके लिए मानसिक रूप से मजबूर किया जा रहा था। दीपिका का कहना है कि वह अपनी व्यक्तिगत स्वतंत्रता और आत्मसम्मान के साथ समझौता नहीं करना चाहती थी।

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"नियम सबके लिए बराबर होने चाहिए"

मामले की सुनवाई के दौरान दीपिका ने अपनी बात बेहद स्पष्ट तरीके से रखी। दीपिका ने कहा कि यदि उससे हर समय घूंघट करने की अपेक्षा की जा रही है तो फिर पति को भी पारंपरिक शेरवानी पहनकर रहना चाहिए।

ससुराल वालों ने क्या तर्क दिया?

महिला का तर्क था कि यदि परंपराओं का पालन जरूरी है तो उसके नियम केवल महिलाओं पर ही लागू नहीं होने चाहिए। उसका यह बयान परामर्श केंद्र में चर्चा का विषय बन गया। वहीं, पति और उसके परिवार का कहना था कि घूंघट उनके परिवार की वर्षों पुरानी परंपरा है, इसलिए इसका सम्मान किया जाना चाहिए।

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काउंसलिंग के कई दौर भी रहे बेअसर

मामला परिवार परामर्श केंद्र पहुंचने के बाद काउंसलर्स ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। कई बार संयुक्त और अलग-अलग बैठकों का आयोजन किया गया ताकि पति-पत्नी के बीच संवाद स्थापित हो सके और कोई मध्य मार्ग निकाला जा सके।हालांकि, हर सुनवाई के साथ दोनों पक्षों के बीच मतभेद और बढ़ते गए। न तो विवाहिता अपनी बात से पीछे हटने को तैयार हुई और न ही ससुराल पक्ष अपनी परंपराओं में बदलाव के लिए राजी हुआ। आखिरकार दोनों ने समझौते से साफ इनकार कर दिया।

अब कोर्ट में होगा फैसला

लगातार असफल काउंसलिंग के बाद परिवार परामर्श केंद्र ने मामले की फाइल बंद कर दी और इसे आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए कोर्ट भेज दिया गया। दोनों पक्षों ने अब तलाक की अर्जी भी दाखिल कर दी है।

Location :  Ghaziabad

Published :  2 June 2026, 8:12 PM IST

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