Gorakhpur: खजनी में चोरों का तांडव, 3 दिन में दो बड़ी वारदातों से दहला गांव; पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

खजनी में बेखौफ चोरों ने दो घरों से साफ किए 20 लाख के जेवरात और नकदी। ग्रामीणों में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल, पुलिस पर लापरवाही के लग रहे हैं गंभीर आरोप। पढ़ें पूरी खबर..

Gorakhpur: जिले के खजनी थाना क्षेत्र अंतर्गत महुआडाबर चौकी का भीटी खोरिया गांव इन दिनों चोरों के निशाने पर है। बेखौफ चोरों ने महज तीन दिनों के भीतर एक ही गांव में दो बड़ी चोरी की घटनाओं को अंजाम देकर पुलिसिया गश्त और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। इन दो वारदातों में ग्रामीणों का करीब 20 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है, जिससे पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है।

छत के रास्ते घर में घुसे चोर, परिवार को कमरे में किया कैद

चोरी की ताजा वारदात 12 अप्रैल की रात संतोष गौड़ के घर हुई। चोरों ने बेहद शातिराना अंदाज में छत के रास्ते घर के भीतर प्रवेश किया। घर में रखी आलमारी का ताला तोड़कर चोरों ने शादी के लिए संजोकर रखे गए कीमती जेवरात, भारी मात्रा में नकदी और कपड़े लूट लिए। दुस्साहस का आलम यह था कि चोरी के बाद बदमाशों ने बाहर से मुख्य दरवाजा बंद कर दिया, जिससे पीड़ित परिवार पूरी रात घर के अंदर ही कैद रहा। सुबह जब परिजनों ने दरवाजा खोलने की कोशिश की और वह नहीं खुला, तब जाकर इस बड़ी वारदात का पता चला। पीड़ित के अनुसार, चोरों ने करीब 10 लाख रुपये की संपत्ति पर हाथ साफ किया है।

तीन दिन पहले भी हुई थी 10 लाख की चोरी

इससे पूर्व 9 अप्रैल की रात को भी इसी गांव के आनंदेश्वर पांडेय उर्फ संतोष के घर को चोरों ने निशाना बनाया था। यहाँ भी चोरों ने छत का रास्ता अपनाया और घर से चार कर्णफूल, चार अंगूठियां, दो सोने की चेन, दो जोड़ी पायल और नकदी सहित लाखों के जेवरात पार कर दिए। एक ही गांव में लगातार हो रही इन वारदातों ने ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ा दी है।

पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल: तहरीर के बावजूद मुकदमा दर्ज करने में देरी

ग्रामीणों का आरोप है कि चोरी की वारदातों के बाद खजनी थाना और महुआडाबर चौकी पर लिखित तहरीर दी गई, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने में तत्परता नहीं दिखाई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहली चोरी के बाद पुलिस सक्रिय होती और गश्त बढ़ाई जाती, तो दूसरी वारदात को रोका जा सकता था। पुलिस की इसी सुस्ती के कारण चोरों के हौसले बुलंद हैं और ग्रामीण अब खुद रात में पहरा देने को मजबूर हैं।

अधिकारियों के बयानों में विरोधाभास: कौन दे रहा है संरक्षण?

इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों के बयानों में भारी अंतर देखने को मिल रहा है। चौकी प्रभारी अर्जुन पटेल जहाँ जांच के बाद कार्रवाई की बात कह रहे हैं, वहीं एसएचओ खजनी जयन्त सिंह ने 9 अप्रैल की घटना को जांच में 'सही नहीं' बताया है। हालांकि, उन्होंने संतोष गौड़ के घर हुई दूसरी चोरी का मुकदमा दर्ज करने की बात कही है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि खजनी की क्षेत्राधिकारी (सीओ) दीपांशी राठौर ने इन घटनाओं के बारे में जानकारी होने से ही इनकार कर दिया है। एक तरफ जनता लूटी जा रही है और दूसरी तरफ जिम्मेदार अधिकारी बेखबर बने हुए हैं। आरोप लग रहे हैं कि खजनी थाने में कई तहरीरें दबाई जा रही हैं, जिससे आम जनता न्याय से वंचित है।

Location :  Gorakhpur

Published :  14 April 2026, 7:27 AM IST

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