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प्राचीन मंदिर में भगवान शिव वर्षो से कैद फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज
New Delhi: मध्य प्रदेश के रायसेन किले में स्थित एक प्राचीन शिव मंदिर जो चर्चा का विषय रहता है। नई पीढ़ी के कई लोगों के मन में सवाल है कि आखिर ऐसा क्या कारण है कि भगवान शिव का मंदिर पूरे साल बंद रहता है और सिर्फ महाशिवरात्रि के दिन कुछ घंटों के लिए ही इसके द्वार खोले जाते हैं।
12 घंटे के लिए मंदिर के कपाट
रायसेन किले के भीतर मौजूद सोमेश्वर धाम मंदिर साल के 364 दिन ताले में बंद रहता है। केवल महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए करीब 12 घंटे के लिए मंदिर के कपाट खोले जाते हैं। इस दौरान यहां विशाल मेले का आयोजन भी होता है और दूर-दूर से भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
रायसेन किले का इतिहास
करीब 1500 फीट ऊंची पहाड़ी पर बने रायसेन किले का इतिहास भी बेहद रोचक और संघर्षों से भरा रहा है। लगभग 10 वर्ग किलोमीटर में फैले इस दुर्ग पर इतिहास में 14 बार अलग-अलग शासकों और राजाओं ने हमला किया। तोपों और गोलों की मार झेलने के बावजूद यह किला आज भी अपनी भव्यता के साथ खड़ा है। इतिहासकारों के अनुसार, रायसेन किले का निर्माण करीब एक हजार ईसा पूर्व माना जाता है।
मंदिर को नियमित रूप से खोलने की मांग
इसी ऐतिहासिक किले के परिसर में स्थित सोमेश्वर धाम मंदिर पुरातत्व विभाग के अधीन आता है। मंदिर को नियमित रूप से खोलने की मांग नई नहीं है। साल 1974 में स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर मंदिर खोलने और यहां स्थापित शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर बड़ा आंदोलन किया था।
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इतिहास और रहस्य का अनोखा संगम
बताया जाता है कि उस समय के मुख्यमंत्री प्रकाशचंद्र सेठी स्वयं यहां पहुंचे थे और महाशिवरात्रि के अवसर पर शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा कराई थी। तभी से परंपरा बनी कि हर वर्ष महाशिवरात्रि पर मंदिर का ताला खोला जाएगा और श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी जाएगी। आज भी यह मंदिर आस्था, इतिहास और रहस्य का अनोखा संगम बना हुआ है, जहां लोगों के मन में एक ही सवाल गूंजता है- आखिर भगवान शिव के इस प्राचीन धाम के दरवाजे पूरे साल बंद क्यों रहते हैं?
Location : New Delhi
Published : 30 May 2026, 5:12 PM IST
Topics : history lord shiva mysterious temple