Sawan 2026 Date: इस दिन से शुरू हो रहा है महादेव का प्रिय सावन महीना, नोट कर लें चारों सोमवार की सही तारीखें

साल 2026 में सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। इस बार सावन में कुल 4 सोमवार व्रत पड़ेंगे। जानिए सावन सोमवार की पूरी लिस्ट और पहले सोमवार पर भगवान शिव को प्रसन्न करने के बेहद आसान उपाय व नियम।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 3 July 2026, 3:56 PM IST
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New Delhi: हिंदू धर्म में सबसे पवित्र और देवों के देव महादेव की आराधना के लिए समर्पित श्रावण मास (सावन) का भक्तों को पूरे साल बेसब्री से इंतजार रहता है। पंचांग के अनुसार, साल 2026 में सावन के महीने की शुरुआत 30 जुलाई, गुरुवार से होने जा रही है, जो 28 अगस्त, शुक्रवार को समाप्त होगा।

इस पूरे महीने में देश के तमाम ज्योतिर्लिंगों और शिव मंदिरों में "बोल बम" और "हर हर महादेव" के जयकारे गूंजेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के महीने में माता पार्वती ने कठिन तपस्या करके भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त किया था, इसलिए इस महीने में की गई शिव पूजा का फल कई गुना अधिक मिलता है।

सावन 2026 में पड़ेंगे कुल चार सोमवार

इस बार सावन के पवित्र महीने में कुल चार सोमवार व्रत पड़ रहे हैं। हिंदू धर्म में सावन के सोमवार का व्रत रखना बेहद फलदायी और मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला माना गया है। इस साल के चारों सावन सोमवार की तिथियां इस प्रकार हैं:

पहला सावन सोमवार: 3 अगस्त 2026
दूसरा सावन सोमवार: 10 अगस्त 2026
तीसरा सावन सोमवार: 17 अगस्त 2026
चौथा सावन सोमवार: 24 अगस्त 2026

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इन विशेष तिथियों पर देश भर के शिव मंदिरों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और कांवड़ यात्रा की भव्य रौनक देखने को मिलेगी।

पहले सोमवार पर इन नियमों से करें पूजा

सावन का पहला सोमवार (3 अगस्त) पूजा-पाठ के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर साफ या सफेद रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद पास के शिव मंदिर में जाकर या घर पर ही शिवलिंग का गंगाजल, गाय के कच्चे दूध, दही और शहद से पंचामृत अभिषेक करें।

महादेव को प्रसन्न करने के लिए पूजा में बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, चंदन और भस्म अवश्य अर्पित करें। पूजा के दौरान "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें तथा शिव चालीसा और रुद्राष्टक का पाठ करें, जिससे मन को असीम शांति मिलती है।

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सात्विक जीवन और दान से प्राप्त होगी शिव कृपा

धार्मिक गुरुओं के अनुसार, सावन के महीने में केवल बाहरी पूजा ही नहीं, बल्कि आंतरिक शुद्धता भी जरूरी है। इस पूरे महीने भक्तों को तामसिक भोजन, लहसुन, प्याज और हर प्रकार के नशे से पूरी तरह दूरी बना लेनी चाहिए। इसके साथ ही मन में किसी के प्रति क्रोध या द्वेष की भावना न लाते हुए सात्विक जीवन जीना चाहिए।

सावन में अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या काले तिल का दान करना कुंडली के दोषों को दूर करता है। इस संयम और सेवा भाव से महादेव अपने भक्तों को सुख, समृद्धि और आरोग्य का आशीर्वाद देते हैं।

Location :  New Delhi

Published :  3 July 2026, 3:56 PM IST

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