Gorakhpur Khajni Tehsil: ‘प्राइवेट लोग’ चला रहे हैं सरकारी कोर्ट? तहसीलदार की कार्यशैली पर उठे सवाल, वकीलों ने खोल दिया मोर्चा!

गोरखपुर की खजनी तहसील में वकीलों और प्रशासन के बीच तकरार बढ़ गई है। बार एसोसिएशन ने तहसीलदार धुवेश कुमार सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी दीपक मीणा से मुलाकात की और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

Gorakhpur : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की खजनी तहसील में प्रशासनिक और न्यायिक कार्यप्रणाली को लेकर अधिवक्ताओं और तहसील प्रशासन के बीच चल रहा गतिरोध अब और गहरा गया है। गुरुवार को खजनी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्य प्रकाश श्रीवास्तव के नेतृत्व में वकीलों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल गोरखपुर के जिलाधिकारी (डीएम) दीपक मीणा से मिलने पहुंचा। वकीलों ने खजनी के तहसीलदार धुवेश कुमार सिंह की कार्यशैली और अदालती कामकाज में कथित अनियमितताओं को लेकर एक शिकायती पत्र सौंपा, जिसके बाद से पूरी तहसील में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।

तहसीलदार के पुराने ऑडियो का जिक्र

जिलाधिकारी को दिए गए विस्तृत ज्ञापन में बार एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि तहसीलदार धुवेश कुमार सिंह के कार्यकाल में तहसील का माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण बना हुआ है। वकीलों ने दावा किया कि अपनी पिछली तैनाती के दौरान पत्रकारों और कर्मचारियों के प्रति कथित तौर पर अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने के मामले में उनका एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उस वक्त विवाद बढ़ने पर उन्हें हटाकर लेखपाल प्रशिक्षण महाविद्यालय गोरखपुर भेजा गया था। लेकिन, दोबारा खजनी तहसील में तैनाती मिलने के बाद से उनके कामकाज को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

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'प्राइवेट लोग' संभाल रहे हैं कोर्ट का काम

ज्ञापन में वकीलों ने सबसे गंभीर आरोप न्यायिक कार्यों की गोपनीयता और पारदर्शिता को लेकर लगाया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि वर्तमान में न्यायालय से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम नियमित और अधिकृत सरकारी कर्मचारियों के बजाय बाहरी कंप्यूटर ऑपरेटरों और कथित तौर पर निजी (प्राइवेट) व्यक्तियों से कराए जा रहे हैं, जो पूरी न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। इसके अलावा, शासन को एक 'फर्जी नक्शा' भेजे जाने के पुराने मामले का भी जिक्र किया गया है, जिसके चलते पूर्व में उपजिलाधिकारी कार्यालय के पेशकार और तहसीलदार के बीच काफी विवाद हुआ था और कर्मचारी संगठनों ने भी इस पर नाराजगी जताई थी।

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डीएम दीपक मीणा ने दिया जांच का भरोसा

अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल में दीवानी न्यायालय के अध्यक्ष उमापति उपाध्याय, मंत्री अनुज अस्थाना, कलेक्ट्रेट बार मंत्री चंद्र प्रकाश मिश्रा, खजनी बार मंत्री चंद्रमौली शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ईश्वर सिंह और पूर्व अध्यक्ष रामप्रीत यादव समेत कई दिग्गज वकील शामिल रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों पर आवश्यक कार्रवाई होगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वकीलों के इन गंभीर आरोपों पर फिलहाल खजनी तहसील प्रशासन या तहसीलदार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Location :  Gorakhpur

Published :  4 June 2026, 3:27 PM IST

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