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अस्पताल में आरोपी सिपाही की पिटाई (Img: Dynamite News)
Gorakhpur: गोरखपुर के बहुचर्चित बच्ची हत्याकांड में गुरुवार को हत्या के आरोपी निलंबित सिपाही अभिषेक यादव को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल लाया गया। आरोपी को देखते ही अस्पताल में मौजूद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और कुछ लोगों ने उस पर हमला कर दिया। देखते ही देखते वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह आरोपी को भीड़ से बचाया और सुरक्षा के बीच अस्पताल से बाहर निकाला।
जिला अस्पताल में जैसे ही आरोपी सिपाही को मेडिकल जांच के लिए लाया गया, वहां मौजूद लोगों ने उसे पहचान लिया। बच्ची की हत्या से पहले ही शहर में भारी आक्रोश था। आरोपी को सामने देखकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और कुछ लोगों ने उसकी पिटाई कर दी। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभाला और आरोपी को भीड़ से सुरक्षित निकाल लिया। इस दौरान अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए तनाव का माहौल बना रहा।
पुलिस के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित जिला अस्पताल से 28 जुलाई की रात करीब 10 बजे लापता हुई बच्ची की हत्या के मामले में गिरफ्तार निलंबित सिपाही अभिषेक यादव ने पूछताछ के दौरान हत्या करना स्वीकार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी बच्ची को घर छोड़ने का झांसा देकर अपनी बाइक पर ले गया था। इस दौरान उसकी गतिविधियां आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हो गई थीं।
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बच्ची के लापता होने के बाद पुलिस ने इलाके के कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान बच्ची आरोपी के साथ जाती हुई दिखाई दी। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर बच्ची का शव बरामद किया गया। पुलिस का कहना है कि इस मामले में वैज्ञानिक और फोरेंसिक साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं।
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— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) July 30, 2026
प्रारंभिक जांच में बच्ची के साथ दुष्कर्म की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इसकी आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही की जाएगी। फिलहाल जांच टीम मामले के हर पहलू को गंभीरता से खंगाल रही है ताकि किसी भी तथ्य को नजरअंदाज न किया जाए।
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि अभिषेक यादव पहले भी गंभीर आरोपों का सामना कर चुका है। पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2025 में पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में एक युवती से दुष्कर्म के मामले में वह जेल जा चुका था। जेल से बाहर आने के बाद उसकी तैनाती डायल-112 सेवा में की गई थी। अब इस पूरे मामले में उसके पुराने रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
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बच्ची के लापता होने के बाद उसके पिता और बड़ी बहन ने शुरू से ही एक वर्दीधारी व्यक्ति पर बच्ची को ले जाने का आरोप लगाया था। बाद में सीसीटीवी फुटेज और पुलिस जांच में यह शक सही साबित हुआ। इस सनसनीखेज मामले के खुलासे के बाद पूरे गोरखपुर में गुस्से का माहौल है। लोग आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
Location : Gorakhpur
Published : 30 July 2026, 5:49 PM IST