दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा में नकल गैंग का भंडाफोड़, 16 आरोपी दबोचे गए

दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा में बड़े नकल रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने हाईटेक उपकरणों के जरिए नकल कराने वाले 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया। यहां पढ़ें पूरा अपडेट

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 13 April 2026, 10:04 AM IST
google-preferred

New Delhi: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े और बेहद शातिर हाईटेक नकल रैकेट का पर्दाफाश किया है, जिसने पुलिस भर्ती परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब दो महीने तक चली गहन जांच के बाद इस गिरोह का खुलासा हुआ, जिसमें अब तक कम से कम 16 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस नेटवर्क में तीन पुलिसकर्मी भी शामिल पाए गए हैं।

रिमोट तकनीक से हो रही थी धांधली

जांच में सामने आया कि यह गिरोह अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर भर्ती परीक्षाओं में नकल करवा रहा था। परीक्षा केंद्रों पर बैठे उम्मीदवार सिर्फ औपचारिक रूप से कंप्यूटर के सामने मौजूद रहते थे, जबकि असली परीक्षा कहीं और बैठे सॉल्वर दे रहे होते थे। रिमोट डेस्कटॉप और वर्चुअल ऐप्स के जरिए सॉल्वर सीधे परीक्षा सिस्टम से जुड़ जाते थे और सवालों के सही जवाब भर देते थे।

परीक्षा केंद्रों पर अंदरूनी मिलीभगत

इस रैकेट की सबसे खतरनाक बात यह रही कि इसमें परीक्षा केंद्र के कर्मचारियों की भी मिलीभगत थी। टेक्नीशियन और स्टाफ ने कंप्यूटर सिस्टम में छेड़छाड़ कर अनधिकृत सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किए। इसके जरिए एक डिजिटल ब्रिज तैयार किया गया, जिससे बाहरी सॉल्वर परीक्षा सिस्टम तक आसानी से पहुंच सकें। यहां तक कि नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेटर्स ने जानबूझकर फायरवॉल और सुरक्षा सिस्टम को बायपास किया।

लाखों रुपये में बिक रही थी नौकरी

यह गिरोह उम्मीदवारों से इस अवैध व्यवस्था के बदले भारी रकम वसूलता था। हर उम्मीदवार से करीब 10 से 15 लाख रुपये तक लिए जाते थे। कई मामलों में आरोपियों ने उम्मीदवारों के दस्तावेज भी अपने पास गिरवी रख लिए थे, जिन्हें पूरी रकम मिलने के बाद ही लौटाया जाता था। पैसों का लेन-देन बेहद गुप्त तरीके से किया जाता था, ताकि कोई सबूत सामने न आए।

क्या है दिल्ली पुलिस का ‘ऑपरेशन कवच 13.0’? जिसने 48 घंटों के भीतर तोड़ी अपराधियों की कमर

बड़े स्तर पर जांच और छापेमारी

दिल्ली पुलिस ने इस रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए बड़े स्तर पर जांच अभियान चलाया। करीब 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, 100 से ज्यादा फोन रिकॉर्ड्स की जांच की गई और डिजिटल चैट व मैसेज के जरिए पूरे नेटवर्क को ट्रैक किया गया। कई राज्यों में छापेमारी कर परीक्षा केंद्र के मालिकों, एडमिनिस्ट्रेटरों और तकनीकी कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया।

कई राज्यों तक फैला नेटवर्क

जांच में यह भी सामने आया कि यह रैकेट केवल दिल्ली तक सीमित नहीं था, बल्कि हरियाणा, पंजाब और राजस्थान तक फैला हुआ था। यह एक संगठित मल्टी-स्टेट नेटवर्क था, जो लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं में धांधली कर रहा था। आईजीआई एयरपोर्ट थाने में तैनात एक पुलिसकर्मी समेत तीन पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी ने पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Delhi Encounter: रोहिणी में दिल्ली पुलिस और बदमाशों के बीच गोलियों की तड़तड़ाहट, दो को लगी गोली, एक गिरफ्तार

SSC ने शुरू की समीक्षा

यह परीक्षा Staff Selection Commission के माध्यम से आयोजित की जा रही थी। मामले के सामने आने के बाद आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। परीक्षा केंद्रों के प्रोटोकॉल को और मजबूत बनाने की तैयारी की जा रही है और अन्य केंद्रों पर भी संभावित गड़बड़ियों की जांच की जा रही है।

जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद

फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। कुछ आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी चल रही है। साथ ही पूरे रैकेट के फाइनेंशियल ट्रेल को खंगाला जा रहा है, ताकि इस घोटाले की वास्तविक व्यापकता का पता लगाया जा सके। यह मामला सिर्फ नकल तक सीमित नहीं, बल्कि सिस्टम में गहरी सेंध का उदाहरण बन गया है।

Location :  New Delhi

Published :  13 April 2026, 10:04 AM IST

Advertisement