New Delhi Crime: जलेबी की लाइन में खड़ा होना मंजूर नहीं था… फिर जो हुआ, उसने सबको दहला दिया!

दिल्ली में जलेबी पहले देने से इनकार करने पर मिठाई विक्रेता की गोली मारकर हत्या करने के 12 साल पुराने मामले में अदालत ने आरोपी नीरज को उम्रकैद की सजा सुनाई।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 28 June 2026, 3:40 PM IST
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New Delhi: राजधानी दिल्ली में जलेबी पहले देने से इनकार करने पर मिठाई विक्रेता की गोली मारकर हत्या करने के 12 साल पुराने मामले में अदालत ने दोषी नीरज को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धीरेंद्र राणा ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिए जाने के बाद यह फैसला सुनाया। अदालत ने माना कि मामला गंभीर है, लेकिन इसे 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।

लाइन में नहीं लगना चाहता था आरोपी

मामला 18 फरवरी 2014 का है। पुलिस के अनुसार, नीरज बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास स्थित एक मिठाई की दुकान पर जलेबी खरीदने पहुंचा था। उसने दुकानदार से मांग की कि उसे कतार में खड़े अन्य ग्राहकों से पहले जलेबी दी जाए। जब दुकानदार ने सभी ग्राहकों को समान रूप से सेवा देने की बात कहते हुए उसकी मांग ठुकरा दी, तो दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया।

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पहले थप्पड़, फिर सिर में मारी गोली

विवाद बढ़ने पर आरोपी ने पहले मिठाई विक्रेता को थप्पड़ मारा। इसके बाद उसने पिस्तौल निकालकर बेहद नजदीक से विक्रेता के सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल विक्रेता को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

घटनास्थल के पास ही दबोचा गया आरोपी

वारदात के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी नीरज को घटनास्थल के पास से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक फर्जी शस्त्र लाइसेंस भी बरामद हुआ। पुलिस ने हत्या और आर्म्स एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।

करीब 12 वर्षों तक चले मुकदमे के बाद अदालत ने नीरज को हत्या और आर्म्स एक्ट के अपराध में दोषी ठहराया। सजा सुनाते समय अदालत ने कहा कि दोषी का कोई अन्य आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया, वह पूरे मुकदमे के दौरान न्यायिक हिरासत में रहा और उसके सुधार की संभावना भी है।

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'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' नहीं माना मामला

अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि दोषी के परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने माना कि यह मामला मृत्युदंड देने योग्य 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' श्रेणी में नहीं आता। इसी आधार पर दोषी को हत्या के अपराध में उम्रकैद की सजा सुनाई गई।

हत्या के साथ आर्म्स एक्ट में भी दोषी

अदालत ने नीरज को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन का दोषी मानते हुए कानून के अनुसार सजा सुनाई। इस फैसले के साथ 12 साल पुराने चर्चित हत्याकांड का कानूनी पटाक्षेप हो गया।

Location :  New Delhi

Published :  28 June 2026, 3:40 PM IST

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