आगरा की चांदी मंडी पर संकट! आयात प्रतिबंध से 1.5 लाख कारीगरों की रोजी-रोटी खतरे में

सरकार द्वारा चांदी के आयात को प्रतिबंधित श्रेणी में डालने से आगरा की विश्व प्रसिद्ध चांदी मंडी में हड़कंप मच गया है। कारोबारियों का कहना है कि नए नियमों से कच्ची चांदी की कमी, महंगाई और मुनाफाखोरी बढ़ेगी, जिससे हजारों सराफ और करीब 1.5 लाख कारीगरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 18 May 2026, 1:08 PM IST
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Agra: आगरा की विश्व प्रसिद्ध चांदी मंडी सरकार के नए फैसले के बाद बड़े संकट का सामना कर रही है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने चांदी के आयात को मुक्त श्रेणी से हटाकर प्रतिबंधित श्रेणी में डाल दिया है। इस फैसले ने सराफा कारोबारियों और पायल उद्योग से जुड़े लाखों लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

कारोबारियों का कहना है कि अगर कच्ची चांदी की उपलब्धता प्रभावित हुई तो आगरा की ऐतिहासिक चांदी मंडी पर गंभीर असर पड़ेगा। यहां हर दिन चार से पांच हजार किलो चांदी का कारोबार होता है और करीब 3000 सराफ व 1.5 लाख कारीगर इस उद्योग से जुड़े हैं।

पायल उद्योग पर सबसे बड़ी मार

आगरा से बनी पायलें उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल समेत देश के 20 राज्यों में भेजी जाती हैं। विदेशों में भी आगरा की पायल की खास पहचान है। लेकिन अब आयात नियमों में बदलाव के बाद कारोबारियों को डर है कि उत्पादन और सप्लाई दोनों प्रभावित होंगे।

सराफा कारोबारी तरुण अग्रवाल ने बताया कि पहले कच्ची चांदी का आयात सामान्य प्रक्रिया से हो जाता था, लेकिन अब विशेष परमिट की जरूरत होगी। इससे कागजी कार्रवाई बढ़ेगी और माल आने में देरी होगी।

वहीं आगरा सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल का कहना है कि बाजार में कच्चे माल की कमी होने पर मुनाफाखोरी बढ़ सकती है और इसका सबसे बड़ा असर छोटे कारीगरों पर पड़ेगा।

सरकार के नए आदेश से बढ़ी चिंता

सरकार की अधिसूचना के अनुसार 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सिल्वर बार और अन्य सिल्वर बार के आयात को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित श्रेणी में डाल दिया गया है। अब आयातकों को विशेष परमिट लेकर ही चांदी मंगानी होगी।

सराफा स्वर्णकार व्यवसायिक कमेटी के अध्यक्ष धीरज वर्मा ने कहा कि ऐसे प्रतिबंधों से ब्लैक मार्केटिंग का खतरा बढ़ जाता है। सरकार को स्थानीय आभूषण निर्माताओं और निर्यातकों को राहत देने के लिए नियमों में छूट देनी चाहिए।

वहीं श्री सराफ कमेटी के अध्यक्ष धन कुमार जैन ने कहा कि चांदी की कीमतें पहले ही आम ग्राहकों की पहुंच से बाहर हो चुकी हैं। अब नए नियमों ने बाजार में और ज्यादा अनिश्चितता पैदा कर दी है।

Location :  Agra

Published :  18 May 2026, 1:08 PM IST

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