कौन बनेगा बिहार का अगला CM? सम्राट के रहते बैठक से बढ़ा सस्पेंस…

बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सम्राट चौधरी पहले से विधायक दल के नेता हैं, फिर भी बीजेपी ने बैठक बुलाकर नए नेता के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शिवराज सिंह चौहान पर्यवेक्षक बनाए गए हैं। सवाल यह है कि क्या BJP फिर कोई चौंकाने वाला फैसला लेने वाली है?

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 13 April 2026, 2:38 AM IST
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Patna: बिहार की राजनीति इन दिनों नए मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर गरमाई हुई है। नीतीश कुमार के बाद राज्य की कमान किसे सौंपी जाएगी, यह सवाल हर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में है।

अब लगभग यह साफ माना जा रहा है कि अगला मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी से ही होगा, लेकिन नाम को लेकर सस्पेंस बरकरार है। इसी कड़ी में बीजेपी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को बिहार भेजने का फैसला किया है।

14 अप्रैल को पटना में बीजेपी विधायक दल की अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें शिवराज सिंह चौहान पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि इसी बैठक में मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लग सकती है।

सम्राट चौधरी पहले से नेता, फिर बैठक क्यों?

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब सम्राट चौधरी पहले से ही बीजेपी विधायक दल के नेता हैं, तो फिर नई बैठक बुलाने की जरूरत क्यों पड़ी?

सम्राट चौधरी फिलहाल बिहार के डिप्टी सीएम और गृह मंत्री भी हैं। राजनीतिक हैसियत के लिहाज से उन्हें नीतीश कुमार के बाद दूसरा सबसे बड़ा नेता माना जाता है। ऐसे में बैठक को लेकर अटकलें और भी तेज हो गई हैं।

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ऐसा माना जा रहा है कि इस बैठक में दो संभावनाएं हो सकती हैं, या तो सम्राट चौधरी को दोबारा विधायक दल का नेता चुना जाएगा, या फिर किसी नए चेहरे को सामने लाया जा सकता है। यही वजह है कि यह बैठक सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति की दिशा तय करने वाली मानी जा रही है।

CM चयन में BJP का सरप्राइज फैक्टर

मुख्यमंत्री के चयन के मामले में बीजेपी का ट्रैक रिकॉर्ड हमेशा चौंकाने वाला रहा है। पार्टी ने कई राज्यों में ऐसे चेहरे आगे किए हैं, जिनकी पहले चर्चा भी नहीं थी।

हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर के बाद नायब सिंह सैनी, उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी, मध्य प्रदेश में मोहन यादव, राजस्थान में भजनलाल शर्मा, छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय और ओडिशा में मोहन चरण मांझी जैसे नाम सामने आ चुके हैं।

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इसी पैटर्न को देखते हुए बिहार में भी किसी नए या अप्रत्याशित चेहरे के सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। अब सभी की नजरें 14 अप्रैल की बैठक पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि बिहार की सत्ता की बागडोर किसके हाथ में जाएगी।

Location :  Patna

Published :  13 April 2026, 2:38 AM IST

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