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पटना में गंगा ने तोड़ा 2016 का रिकॉर्ड (Source: X)
Patna: बिहार में बाढ़ का संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। बिहार, झारखंड और पड़ोसी नेपाल में हुई भारी बारिश के बाद राज्य की कई प्रमुख नदियां उफान पर हैं। हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पटना में गंगा नदी ने अपना पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। राज्य के 11 जिलों में करीब 16.84 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है।
पटना के गांधी घाट पर शनिवार सुबह करीब 10 बजे गंगा का जलस्तर उच्चतम बाढ़ स्तर यानी HFL को पार कर गया। दोपहर 4 बजे यहां नदी का जलस्तर 50.57 मीटर दर्ज किया गया। यह साल 2016 में दर्ज 50.52 मीटर के उच्चतम बाढ़ स्तर से पांच सेंटीमीटर अधिक है।
गंगा के इस स्तर तक पहुंचने से पटना और आसपास के निचले इलाकों में चिंता बढ़ गई है। प्रशासन नदी किनारे रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील कर रहा है।
बिहार में सिर्फ गंगा ही नहीं, बल्कि कई दूसरी नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। जल संसाधन विभाग के अनुसार डुमरियाघाट और हाजीपुर में गंडक, बलतारा में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक और श्रीपालपुर में पुनपुन नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है।
इसके अलावा दीघा, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव, बक्सर और मुंगेर में गंगा तथा दरौली में घाघरा नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
नदियों के बढ़ते जलस्तर का असर पटना के ग्रामीण इलाकों में दिखाई देने लगा है। कई जगहों पर बाढ़ का पानी घुस गया है। अथमलगोला प्रखंड में NH-31 के पानी में डूब जाने के कारण वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पूर्वी मध्य रेलवे ने कुछ ट्रेनों को रद्द करने और कुछ के मार्ग में बदलाव की जानकारी दी है। इससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार पटना जिले में करीब 2.32 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। स्थानीय सांसद रविशंकर प्रसाद ने भी बाढ़ प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने को कहा।
उन्होंने भोजन, दवाइयों और अन्य जरूरी सामान की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए अलग-अलग जिलों में 38 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। अब तक 12,300 पॉलीथीन शीट और 2,250 सूखा राशन पैकेट बांटे जा चुके हैं।
लोगों के आवागमन और निकासी के लिए 858 नावें लगाई गई हैं। वहीं राहत एवं बचाव अभियान के लिए बाढ़ प्रभावित जिलों में SDRF की 27 और NDRF की सात टीमें तैनात हैं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को भागलपुर और नौगछिया के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समय पर जरूरी व्यवस्थाएं करने और पर्याप्त राहत सामग्री उपलब्ध कराने को कहा।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पटना में कहा कि सरकार बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि नेपाल में आपदा और लगातार बारिश के बाद बिहार में हालात गंभीर हुए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बिहार की स्थिति पर नजर रख रहे हैं और सरकार का प्रयास है कि प्रभावित लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।
बिहार में नदियों का बढ़ता जलस्तर फिलहाल बड़ी चिंता बना हुआ है। गंगा के पुराने रिकॉर्ड को पार करने के बाद प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित आबादी तक राहत पहुंचाने और निचले इलाकों में स्थिति को नियंत्रित रखने की है।
Location : Patna
Published : 6 September 2026, 8:40 AM IST
Topics : Bihar flood Bihar News Flood News Ganga River Patna News