झारखंड: “कल तक आवाज हमारे बीच थी” सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से टूटे हेमंत सोरेन, बोले- भैया का जाना मेरी व्यक्तिगत क्षति

झारखंड के कैबिनेट मंत्री और JMM नेता सुदिव्य कुमार सोनू का 56 वर्ष की उम्र में हार्ट अटैक के बाद निधन हो गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें बड़े भाई जैसा बताते हुए गहरा दुख जताया। अस्पताल के डॉक्टर के मुताबिक, सोनू सीने में दर्द के बाद देर रात अस्पताल पहुंचे थे।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 6 September 2026, 9:08 AM IST
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Ranchi: झारखंड की राजनीति में उस वक्त शोक की लहर दौड़ गई, जब राज्य के कैबिनेट मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार सोनू का अचानक निधन हो गया। 56 वर्षीय सुदिव्य कुमार सोनू को हार्ट अटैक आने के बाद अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।

उनके निधन की खबर ने राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ा दी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी इस खबर से बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने सुदिव्य कुमार सोनू को केवल राजनीतिक साथी नहीं, बल्कि अपने बड़े भाई जैसा बताया।

हेमंत सोरेन बोले- भैया का जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि सोनू भैया उनके लिए सिर्फ वरिष्ठ साथी या राजनीतिक सहकर्मी नहीं थे। वह उनके बड़े भाई की तरह थे, जो मुश्किल वक्त में हमेशा मजबूती के साथ उनके साथ खड़े रहे।

हेमंत सोरेन ने कहा कि सोनू उन्हें स्नेह देते थे, मार्गदर्शन करते थे और हर परिस्थिति में उनका हौसला बढ़ाते थे। उनके साथ बिताए पल और उनसे मिली सीख हमेशा उनकी स्मृतियों में रहेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का जाना उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है। उनके जाने से जो खालीपन पैदा हुआ है, उसे शब्दों में व्यक्त करना आसान नहीं है।

झारखंड आंदोलन से JMM तक निभाया साथ

हेमंत सोरेन ने अपने शोक संदेश में सुदिव्य कुमार सोनू के लंबे राजनीतिक सफर को भी याद किया। उन्होंने कहा कि सोनू भैया झारखंड आंदोलन के दौर से ही दिशोम गुरु शिबू सोरेन के साथ पूरी निष्ठा और मजबूती से खड़े रहे।

JMM के समर्पित कार्यकर्ता और नेता के रूप में उन्होंने झारखंड की अस्मिता, अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई को अपना जीवन समर्पित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंडियत के प्रति उनका समर्पण और संघर्ष हमेशा याद किया जाएगा।

“कल तक आवाज हमारे बीच थी, आज सिर्फ स्मृतियों में रह गई”

हेमंत सोरेन ने अपने संदेश में जिंदगी की अनिश्चितता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज सोनू भैया को याद करते हुए बार-बार यही महसूस हो रहा है कि जिंदगी कितनी क्षणभंगुर है।

कल तक जिस व्यक्ति की आवाज उनके बीच थी, आज वही आवाज सिर्फ स्मृतियों में रह गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का स्नेह, संघर्ष और झारखंड के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हमेशा उनके साथ रहेगी।

झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का निधन, JMM के बड़े नेता के जाने से सियासी गलियारों में शोक

JMM ने बताया अपूरणीय क्षति

JMM प्रवक्ता मनोज पांडेय ने भी सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने बताया कि सोनू को हार्ट अटैक आया था और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्हें बचाया नहीं जा सका।

मनोज पांडेय ने उनके निधन को JMM और झारखंड की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू एक उल्लेखनीय व्यक्तित्व होने के साथ उनके निजी मित्र भी थे और उनके निधन पर विश्वास करना बेहद मुश्किल है।

रात 2:15 बजे अस्पताल पहुंचे थे सोनू

गिरिडीह के मर्सी अस्पताल के डॉक्टर शाहजाद शेख के मुताबिक, सुदिव्य कुमार सोनू करीब रात 2:15 बजे अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टर ने बताया कि उन्हें लगभग दो घंटे से सीने में दर्द था और अस्पताल पहुंचने के समय उनकी हालत गंभीर थी।

डॉक्टर के अनुसार, उन्हें उल्टी भी हुई थी, जिसका कुछ हिस्सा फेफड़ों में चला गया था। अस्पताल पहुंचते ही उन्हें इंट्यूबेट किया गया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। उनके निधन से झारखंड की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है।

Location :  Ranchi

Published :  6 September 2026, 9:07 AM IST

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