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आईसीयू में गंभीर मरीज की सांसें थम चुकी थीं, लेकिन एक महिला डॉक्टर ने 30 मिनट तक लगातार सीपीआर देकर हार नहीं मानी। आखिरकार मरीज की धड़कन लौट आई। यह वायरल वीडियो समर्पण, साहस और इंसानियत की ऐसी मिसाल है।
मरीज को सीपीआर देती महिला डॉक्टर (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
New Delhi: सोशल मीडिया पर रोजाना हजारों वीडियो वायरल होते हैं, लेकिन कुछ दृश्य ऐसे होते हैं जो सीधे दिल को छू जाते हैं। इन दिनों एक ऐसा ही भावुक और प्रेरणादायक वीडियो चर्चा में है, जिसमें एक महिला डॉक्टर ने आईसीयू में गंभीर मरीज को करीब 30 मिनट तक लगातार सीपीआर देकर नई जिंदगी दी। यह वीडियो सिर्फ एक मेडिकल इमरजेंसी नहीं, बल्कि समर्पण, साहस और इंसानियत की मिसाल बन गया है।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि अस्पताल के आईसीयू में एक मरीज की हालत बेहद नाजुक थी। मॉनिटर पर गिरती हुई रेखाएं साफ संकेत दे रही थीं कि स्थिति गंभीर है। मरीज की सांसें लगभग थम चुकी थीं और दिल की धड़कन भी रुकने के कगार पर थी। ऐसे नाजुक समय में वहां मौजूद महिला डॉक्टर ने बिना देर किए सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) शुरू कर दिया।
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सीपीआर एक ऐसी आपातकालीन प्रक्रिया है, जिसमें छाती पर लगातार दबाव डालकर दिल की धड़कन को दोबारा शुरू करने की कोशिश की जाती है। यह प्रक्रिया शारीरिक रूप से बेहद थकाने वाली होती है और आमतौर पर कुछ मिनटों में ही व्यक्ति थक जाता है। लेकिन इस डॉक्टर ने हार नहीं मानी।
वीडियो में साफ दिखाई देता है कि महिला डॉक्टर पूरे फोकस और ताकत के साथ लगातार सीपीआर देती रहीं। उनके चेहरे पर तनाव और चिंता झलक रही थी, लेकिन हिम्मत में कोई कमी नहीं थी। समय बीतता गया, लेकिन उन्होंने प्रयास जारी रखा। करीब 30 मिनट तक बिना रुके वह मरीज को जिंदगी की ओर खींचने की कोशिश करती रहीं।
A woman doctor performed CPR for nearly 30 minutes and successfully revived a patient in the ICU. ❤️
The intense moment has gone viral, with many calling it a true act of courage and dedication.
Stories of real-life heroes are shared here regularly 🙌 ❤️ pic.twitter.com/z0d0nvqUar— Bapfakurera (@TheoUw1) February 16, 2026
आईसीयू में मौजूद अन्य स्टाफ भी गंभीरता से स्थिति पर नजर रखे हुए थे। हर किसी की नजर मॉनिटर पर टिकी थी। माहौल बेहद तनावपूर्ण था, मानो हर सेकंड एक नई उम्मीद और निराशा के बीच झूल रहा हो।
लगातार कोशिशों के बाद वह पल भी आया, जब मॉनिटर पर हलचल दिखाई दी। धीरे-धीरे मरीज की धड़कन वापस लौटने लगी। यह दृश्य वहां मौजूद सभी लोगों के लिए भावुक कर देने वाला था। डॉक्टर की मेहनत रंग लाई और एक बुझती हुई जिंदगी में फिर से सांसें लौट आईं।
आईसीयू का माहौल अचानक बदल गया। तनाव की जगह राहत और खुशी ने ले ली। यह सिर्फ एक मरीज की जान बचने का क्षण नहीं था, बल्कि उम्मीद की जीत थी।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां लोग अक्सर अपने काम और स्वार्थ में उलझे रहते हैं, यह वीडियो यह बताता है कि इंसानियत आज भी जिंदा है और समर्पण की भावना अब भी लोगों के दिलों में मौजूद है।