हिंदी
मैसूर सिल्क साड़ियों की बढ़ती मांग ने कर्नाटक में शोरूम के बाहर सुबह 4 बजे से लंबी कतारें लगवा दीं। 23 हजार से 2.5 लाख रुपये कीमत वाली इन साड़ियों के लिए टोकन सिस्टम लागू किया गया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
Bengaluru: असली मैसूर सिल्क साड़ियों की दीवानगी एक बार फिर चर्चा में है। कर्नाटक में कर्नाटक सिल्क इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन (KSIC) के एक शोरूम के बाहर सुबह 4 बजे से सैकड़ों लोग कतार में खड़े नजर आए। इस दृश्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लाखों बार देखा जा चुका है।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि अंधेरे में ही लोग शोरूम के बाहर लंबी लाइन लगाकर खड़े हैं। सुबह जल्दी होने के बावजूद, मैसूर सिल्क साड़ी खरीदने के लिए लोगों में जबरदस्त उत्साह दिखा। महिलाओं के साथ-साथ परिवार के अन्य सदस्य भी कतार में नजर आए।
मैसूर सिल्क साड़ियों की कीमत 23,000 रुपये से शुरू होकर 2.5 लाख रुपये तक जाती है। इसके बावजूद इन साड़ियों की मांग कम नहीं हो रही है। अपनी शुद्ध रेशम, स्वर्ण जरी और पारंपरिक डिजाइन के कारण ये साड़ियां देशभर में बेहद लोकप्रिय हैं।
कन्नड़ प्रभा की रिपोर्ट के अनुसार, बढ़ती मांग को देखते हुए KSIC ने सख्त नियम लागू किए हैं। अब टोकन सिस्टम के तहत ही ग्राहकों को शोरूम में प्रवेश दिया जा रहा है। साथ ही, प्रत्येक ग्राहक को केवल एक साड़ी खरीदने की अनुमति दी गई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को अवसर मिल सके।
मैसूर सिल्क की भारी मांग के पीछे इसकी सीमित आपूर्ति एक बड़ा कारण है। इस रेशम पर भौगोलिक संकेत (GI टैग) का विशेष अधिकार केवल KSIC के पास है, जिससे वही इसके आधिकारिक उत्पादक हैं।
यह पहली बार नहीं है जब मैसूर सिल्क साड़ियों के लिए कतारों का वीडियो वायरल हुआ हो। पहले भी ऐसे दृश्य सामने आ चुके हैं। कई महिलाओं के लिए यह इंतजार पूरी तरह सार्थक है, क्योंकि मैसूर सिल्क साड़ी उनके लिए सिर्फ कपड़ा नहीं बल्कि एक अनमोल विरासत है।