खूबसूरत बनने की चाह ने बिगाड़ दी लड़की की जिंदगी! जब खुला फर्जी डॉक्टर का राज, तो पैरों तले खिसक गई जमीन

चीन की रहने वाली वांग नाम की महिला को कॉस्मेटिक सर्जरी कराना बेहद भारी पड़ गया। एक फर्जी डॉक्टर द्वारा की गई गलत डबल आईलिड सर्जरी के कारण पिछले 6 साल से महिला अपनी आंखें पूरी तरह बंद नहीं कर पा रही है। अश्रु ग्रंथि डैमेज होने से उनकी आंखों से लगातार पानी बहता रहता है, जिसके चलते प्रशासन ने उन्हें विकलांगता की श्रेणी में डाल दिया है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 1 June 2026, 2:58 PM IST
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New Delhi: आज के दौर में खूबसूरत और जवां दिखने की हसरत लोगों में इस कदर बढ़ गई है कि वे इसके लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। लेकिन कभी-कभी यही चाहत पूरी जिंदगी का चैन और सुकून छीन लेती है। ऐसा ही एक रूह कंपा देने वाला अंतरराष्ट्रीय मामला चीन से सामने आया है, जहां एक महिला को प्लास्टिक सर्जरी कराना इतना महंगा पड़ गया कि पिछले 6 साल से वह अपनी आंखें बंद करके सो तक नहीं सकी है। गलत सर्जरी की वजह से महिला की आंखें चौबीसों घंटे खुली रहती हैं और उनसे लगातार आंसू बहते रहते हैं, जिसने उनकी हंसती-खेलती जिंदगी को नरक बना दिया है।

बड़ी आंखें पाने के लिए खर्च किए लाखों

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह दर्दनाक और चौंकाने वाली कहानी वांग नाम की एक महिला की है। जून 2020 में उन्होंने चीन के जियांग्सू प्रांत के सूजौ शहर में स्थित एक कॉस्मेटिक क्लिनिक से अपनी आंखों को बड़ा और आकर्षक दिखाने के लिए 'डबल आईलिड सर्जरी' कराई थी। इस सर्जरी के लिए महिला ने करीब 12,000 युआन (लगभग 1.7 लाख रुपये) की भारी-भरकम रकम खर्च की थी। पूर्वी एशिया में अपनी आंखों को बड़ा दिखाने के लिए यह सर्जरी काफी लोकप्रिय है, लेकिन वांग को जरा भी अंदाजा नहीं था कि उनका यह फैसला उनके जीवन की सबसे भयानक भूल साबित होने वाला है।

पलकें बाहर की तरफ मुड़ीं

ऑपरेशन के तुरंत बाद ही वांग की आंखों में असहनीय दर्द और भयानक सूजन होने लगी। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि उनकी पलकें बाहर की तरफ मुड़ गईं और आंखों से बिना रुके पानी गिरने लगा। जब उन्हें आनन-फानन में विशेषज्ञ डॉक्टरों के पास ले जाया गया, तो वहां हुए खुलासे ने सबके होश उड़ा दिए। डॉक्टरों ने बताया कि सर्जरी इतने घटिया और गलत तरीके से की गई थी कि महिला की अश्रु ग्रंथि पूरी तरह डैमेज हो चुकी थी। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद नुकसान इतना बड़ा था कि वांग की पलकों ने हमेशा के लिए पूरी तरह झपकना और बंद होना बंद कर दिया।

फर्जी निकला डॉक्टर और क्लिनिक

इस हादसे ने वांग को शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया। वह डिप्रेशन और अनिद्रा (नींद न आने की बीमारी) का शिकार हो गईं, जिसके चलते साल 2022 में स्थानीय प्रशासन ने उन्हें ग्रेड-9 की विकलांगता श्रेणी में डाल दिया। बाद में जब इस मामले की प्रशासनिक जांच हुई, तो पता चला कि जिस डॉक्टर ने यह जटिल सर्जरी की थी, उसके पास कोई मेडिकल लाइसेंस ही नहीं था और वह क्लिनिक भी अवैध रूप से बिना अनुमति के चल रहा था। प्रशासन ने क्लिनिक को सील कर दिया है और पीड़ित महिला ने फर्जी डॉक्टर के खिलाफ कानूनी मुकदमा दर्ज कराया है, लेकिन वह अपनी खोई हुई सेहत और नींद वापस पाने के लिए आज भी तरस रही हैं।

Location :  New Delhi

Published :  1 June 2026, 2:49 PM IST

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