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New Delhi: कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी यानी नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) और महालक्ष्मी पूजन का सनातन धर्म में अत्यधिक महत्व है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी पावन तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण ने असुर नरकासुर का वध कर आसुरी शक्तियों का अंत किया था। इस विशेष अवसर पर यमराज के निमित्त दीपदान करने की परंपरा है, जिसका अपना एक विशेष आध्यात्मिक महत्व है।
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ दिवाकर त्रिपाठी के अनुसार, महालक्ष्मी और गणेश पूजन के लिए सबसे फलदायी शुभ मुहूर्त का चयन अत्यंत आवश्यक है ताकि साधक को पूर्ण फल की प्राप्ति हो सके। पूजन के दौरान सनातन परंपरा से जुड़े विशेष नियमों का पूरी निष्ठा के साथ पालन करना चाहिए। छोटी दिवाली के दिन संध्या के समय यम के नाम का दीपक जलाने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। इस पावन पर्व पर विधि-विधान से की गई पूजा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और ऐश्वर्य का संचार करती है।
Location : New Delhi
Published : 7 November 2026, 9:21 AM IST
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