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मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से 13 सान बाद लिया सन्यास( AI Generated ig)
New Delhi: भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। इसके साथ ही उनके 13 साल के टेस्ट करियर का अंत हो गया। शमी के लिए भारतीय टीम की सफेद जर्सी पहनकर देश का प्रतिनिधित्व करना हमेशा खास रहा। अपने विदाई संदेश में उन्होंने कहा कि भले ही वह टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह रहे हैं, लेकिन इस फॉर्मेट से जुड़ी यादें हमेशा उनके साथ रहेंगी।
36 साल के शमी ने भारत के लिए 64 टेस्ट मैच खेले और कुल 229 विकेट हासिल किए। इस दौरान उन्होंने छह बार एक पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट लेकर अपनी गेंदबाजी का दम दिखाया।
उनके टेस्ट करियर का सबसे शानदार प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में देखने को मिला, जहां उन्होंने 56 रन देकर छह विकेट झटके थे। इसके अलावा वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने पहले ही टेस्ट मैच में नौ विकेट लेना भी उनके करियर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जोहानिसबर्ग, विशाखापत्तनम और सेंचुरियन में पांच विकेट लेने का उनका प्रदर्शन भी क्रिकेट प्रेमियों को लंबे समय तक याद रहेगा।
दिसंबर 2021 में दक्षिण अफ्रीका के सेंचुरियन मैदान पर खेले गए टेस्ट मैच में मोहम्मद शमी ने शानदार गेंदबाजी की थी। उन्होंने पहली पारी में 44 रन देकर पांच दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों को आउट किया। अपनी तेज गेंदबाजी और गेंद को स्विंग कराने की कला से उन्होंने विरोधी टीम के बल्लेबाजों को काफी परेशान किया।
इस मैच में पांच विकेट लेने के साथ ही शमी ने टेस्ट क्रिकेट में अपने 200 विकेट भी पूरे कर लिए थे। वह ऐसा करने वाले भारत के पांचवें तेज गेंदबाज बने। इस मुकाबले में भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 113 रन से हराया था। सेंचुरियन के मैदान पर भारत की यह पहली टेस्ट जीत थी, इसलिए यह मुकाबला भारतीय क्रिकेट इतिहास के यादगार मैचों में शामिल हो गया।
भारत को पहली जीत दिलाने मे शमी ने की मदद(x)
अक्तूबर 2019 में दक्षिण अफ्रीका की टीम भारत दौरे पर आई थी। इस दौरान विशाखापत्तनम में खेले गए टेस्ट मैच में मोहम्मद शमी ने अपनी गेंदबाजी से शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने दूसरी पारी में सिर्फ 35 रन देकर दक्षिण अफ्रीका के पांच बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया। खास बात यह थी कि मैच के पांचवें दिन पिच से तेज गेंदबाजों को ज्यादा मदद नहीं मिल रही थी। इसके बावजूद शमी ने अपनी तेज रफ्तार और सही लाइन-लेंथ से बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। उन्होंने फाफ डुप्लेसिस और क्विंटन डिकॉक जैसे बड़े खिलाड़ियों के विकेट भी लिए। शमी की इस शानदार गेंदबाजी की बदौलत भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 203 रन से हराकर मुकाबला अपने नाम किया। इस जीत में शमी की दूसरी पारी का प्रदर्शन काफी अहम रहा।
जनवरी 2018 में भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका दौरे पर थी। इस दौरान जोहानिसबर्ग में खेले गए टेस्ट मैच में मोहम्मद शमी ने अपनी गेंदबाजी से सभी को प्रभावित किया। वांडरर्स मैदान की मुश्किल पिच पर भारतीय टीम को दक्षिण अफ्रीका के सामने 241 रन का लक्ष्य बचाना था। मैच की दूसरी पारी में शमी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए सिर्फ 28 रन देकर पांच विकेट हासिल किए। चौथे दिन उन्होंने अपनी तेज रफ्तार और सटीक गेंदों से दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों को टिकने नहीं दिया। उन्होंने लगातार विकेट लेकर विरोधी टीम पर दबाव बना दिया। शमी के इस प्रदर्शन की बदौलत भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 63 रन से हराकर मुकाबला जीत लिया। विदेशी जमीन पर मिली यह जीत भारतीय टीम के लिए काफी खास थी। जोहानिसबर्ग में शमी की यह गेंदबाजी उनके टेस्ट करियर के यादगार प्रदर्शनों में शामिल रही।
मोहम्मद शमी ने नवंबर 2013 में कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला था। अपने डेब्यू मुकाबले में ही उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। शमी ने इस मैच की पहली पारी में 71 रन देकर चार विकेट लिए, जबकि दूसरी पारी में 47 रन देकर पांच बल्लेबाजों को आउट किया। इस तरह उन्होंने अपने पहले ही टेस्ट में कुल नौ विकेट हासिल किए। शमी की तेज गेंदों और रिवर्स स्विंग के सामने वेस्टइंडीज के बल्लेबाज ज्यादा देर तक टिक नहीं पाए। भारतीय टीम ने यह मुकाबला पारी और 51 रन से जीत लिया था। पहले ही टेस्ट में नौ विकेट लेकर शमी ने अपनी प्रतिभा का परिचय दे दिया था। उनके इस प्रदर्शन ने दिखा दिया कि वह आने वाले समय में भारतीय टीम के लिए एक अहम तेज गेंदबाज साबित हो सकते हैं।
मोहम्मद शमी के टेस्ट करियर का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन साल 2018 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान देखने को मिला था। पर्थ में खेले गए सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच की दूसरी पारी में शमी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 56 रन देकर छह विकेट हासिल किए थे। यह टेस्ट क्रिकेट में उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।
पर्थ की पिच पर तेज गेंदबाजों को अच्छी उछाल मिल रही थी। शमी ने इसका पूरा फायदा उठाया और अपनी तेज गेंदों से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को खूब परेशान किया। उन्होंने उस्मान ख्वाजा, टिम पेन और आरोन फिंच जैसे अहम खिलाड़ियों को आउट किया। लंच के बाद शमी की गेंदबाजी ने ऑस्ट्रेलिया की पारी को मुश्किल में डाल दिया था।
हालांकि, इतनी शानदार गेंदबाजी के बावजूद भारतीय टीम यह मैच जीतने में सफल नहीं रही। इसके बाद भी शमी का 6 विकेट लेने वाला यह प्रदर्शन उनके टेस्ट करियर की सबसे यादगार उपलब्धियों में शामिल हो गया।
Location : New Delhi
Published : 7 November 2026, 9:05 AM IST