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पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता रणजीत सिंह रावत ने उत्तराखंड में बढ़ती बिजली दरों को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला। रावत ने इसे जनता पर डकैती करार दिया और सोलर बिजली दरों की समीक्षा कर राहत देने की मांग की।
पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत
Ramnagar: उत्तराखंड के रामनगर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत ने उत्तराखंड में बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। रावत ने आरोप लगाया कि सरकार जनता पर लगातार आर्थिक बोझ डाल रही है और महंगाई से राहत देने में पूरी तरह विफल रही है।
रावत ने कहा कि भाजपा सरकार अच्छे दिन और मोदी सरकार के नारे के साथ सत्ता में आई थी, लेकिन आज महंगाई और बिजली दरों की बढ़ोतरी ने जनता की जेब पर भारी असर डाला है। उनका कहना था कि बिजली उपभोक्ताओं के साथ अन्याय किया जा रहा है।
पूर्व विधायक ने पीएम कुसुम योजना का उदाहरण देते हुए बताया कि सरकार पहले सोलर पैनल से उत्पादित बिजली को लगभग 4 से 4.25 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से खरीदती थी। अब यह दर घटाकर 2 से 2.25 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है। दूसरी ओर, वही बिजली आम उपभोक्ताओं को 6-7 रुपये और औद्योगिक उपभोक्ताओं को 8-9 रुपये प्रति यूनिट बेची जा रही है।
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रावत ने कहा कि दरों में 10-15 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि मामूली प्रतीत हो सकती है, लेकिन इसका वार्षिक असर बहुत बड़ा है। 2023 के आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड में सालाना 13,509 मिलियन यूनिट बिजली की खपत होती है। 10 पैसे प्रति यूनिट वृद्धि का मतलब लगभग 135-150 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ जनता पर।
रावत ने इसे जनता पर डकैती करार दिया। उनका कहना था कि यदि महंगाई बढ़ रही है, तो सोलर उपभोक्ताओं की लागत भी बढ़ रही होगी। ऐसे में सोलर बिजली की खरीद दर कम करना और खुद ऊंचे दामों पर बिजली बेचना जनहित के खिलाफ है।
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पूर्व विधायक ने सरकार से बिजली दरों की समीक्षा कर उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की। उनका यह भी कहना था कि बिजली दरों में बढ़ोतरी रोकने और जनता पर पड़े आर्थिक दबाव को कम करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए।