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रुद्रप्रयाग में ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे पर क्रेन ले जा रहा ट्रॉला चढ़ाई पर फंस गया, जिससे दोनों ओर लंबा जाम लग गया। सुबह से यात्री फंसे हैं और लोग पैदल चलने को मजबूर हैं। प्रशासन ने ट्रॉला हटाने के लिए मशीन मंगाई है।
ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे पर ट्रॉला फंसने से ठप हुई रफ्तार
Rudraprayag: रुद्रप्रयाग में ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 58 पर शुक्रवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक भारी ट्रॉला चढ़ाई पर फंस गया। यह ट्रॉला क्रेन लेकर कोलकाता से कर्णप्रयाग की ओर जा रहा था, लेकिन रुद्रप्रयाग पेट्रोल पंप के ठीक सामने चढ़ाई पर वाहन की रफ्तार थम गई।
ट्रॉला फंसने के बाद राजमार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बड़े-बड़े वाहन पूरी तरह जाम में फंस गए, जिससे सड़क पर यातायात व्यवस्था चरमरा गई। सुबह छह बजे से लोग इसी स्थान पर फंसे हुए हैं और न आगे बढ़ पा रहे हैं, न पीछे लौट पा रहे हैं।
हालांकि छोटे वाहनों के लिए मार्ग थोड़ी बहुत खुला रखा गया है, लेकिन जोखिम के बीच ही आवाजाही हो रही है। किसी भी समय हादसे की आशंका बनी हुई है। पहाड़ी मार्ग और ठंडे मौसम के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई है।
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जाम में फंसे यात्री और स्थानीय लोग गुस्से और परेशान नजर आए। कई लोग अपने सामान के साथ पैदल ही आ-जा रहे हैं। ठंड में घंटों खड़े रहने से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रॉला जिला मुख्यालय क्षेत्र में देर रात से ही फंसा हुआ है, लेकिन सुबह तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का आरोप है कि प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से समय पर सुध नहीं ली गई, जिससे हालात और बिगड़ गए।
दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार
सुबह से ही लोग कड़कड़ाती ठंड में सड़क पर खड़े हैं। कई यात्री जरूरी कामों से जा रहे थे, लेकिन घंटों जाम में फंसे रहने के कारण उन्हें भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
इस संबंध में टीआईई (Traffic Inspector) ने बताया कि ट्रॉला हटाने के लिए मशीन मंगाई गई है। उन्होंने कहा कि इसमें कुछ समय जरूर लगेगा, लेकिन जल्द ही ट्रॉला को सड़क से हटा दिया जाएगा और यातायात सामान्य किया जाएगा।
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जब तक ट्रॉला नहीं हटता, तब तक इस मार्ग पर आवाजाही जोखिम भरी बनी हुई है। पहाड़ी ढलान और भारी वाहनों की मौजूदगी किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।
जाम में फंसे यात्रियों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द मार्ग खोलने और भविष्य में ऐसे भारी वाहनों के लिए ठोस ट्रैफिक प्लान बनाने की मांग की है, ताकि इस तरह की परेशानी दोबारा न झेलनी पड़े।