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कुंड बैराज के पास तैरता शव मिलने की सूचना पर जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने तुरंत रेस्क्यू अभियान चलाने के आदेश दिए। प्रशासन, पुलिस, SDRF और DRRF टीमों ने ड्रोन की सहायता से खोज जारी रखी। आज शव को कुंड बैराज से सुरक्षित निकाल लिया गया।
बढते जलस्तर के बीच रेस्क्यू अभियान
Rudraprayag: बीते 09 जनवरी को जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को कुंड बैराज के समीप एक शव तैरते हुए देखने की सूचना प्राप्त हुई। जलस्तर बढ़ने के कारण शव दिखाई नहीं दे रहा था, लेकिन सूचना मिलते ही जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने तुरंत सर्च और रेस्क्यू अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की देरी न होने पाए और स्थानीय प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन टीम तत्पर रहें।
जिलाधिकारी के आदेश के बाद जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र ने डी.डी.आर.एफ. (डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स) टीम ऊखीमठ, पुलिस और एस.डी.आर.एफ. को मौके के लिए रवाना किया। अभियान को निरंतर प्रभावी बनाने के लिए टीमों ने आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया। अधिकारी ने सभी संबंधित दलों से कहा कि जीवन और सुरक्षा सर्वोपरि है और अभियान में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
कुंड बैराज की जटिल परिस्थितियों को देखते हुए अभियान में ड्रोन तकनीक का प्रयोग किया गया। जलस्तर बढ़ने और पानी की गहराई के कारण मानवीय प्रयासों से शव का पता लगाना कठिन था। ड्रोन के माध्यम से विस्तृत निगरानी कर शव का सटीक स्थान पहचानने में सफलता मिली।
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जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि अभियान में अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि ड्रोन और अन्य सुरक्षा उपकरणों की मदद से शव को कुंड बैराज से सुरक्षित निकाला गया। उन्होंने आगे कहा कि अभियान में लगे सभी कर्मचारियों और अधिकारियों की तत्परता और समर्पण की प्रशंसा की जानी चाहिए।
रेस्क्यू के बाद शव की पहचान राहुल अवस्थी के रूप में हुई, जो 38 वर्षीय थे और लम्बगोण्डी ल्वारा, थाना गुप्तकाशी के निवासी थे। उनके पिता का नाम टीका प्रसाद अवस्थी है। जिलाधिकारी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
ड्रोन ने कुंड बैराज से शव निकाला
जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने कहा कि इस तरह की घटनाओं के लिए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क रहेगा। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि जलस्तर बढ़ने वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाए और किसी भी संभावित खतरे की सूचना मिलने पर तुरंत रेस्क्यू अभियान शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि ड्रोन और आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग आपदा प्रबंधन में किया जाएगा।
इस अभियान में स्थानीय प्रशासन, पुलिस, SDRF और DDRF टीमों का समन्वय सराहनीय रहा। सभी दलों ने लगातार 3 दिन तक सर्च और रेस्क्यू कार्य जारी रखा। अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि अभियान की सफलता टीम के समर्पण और आधुनिक उपकरणों के कुशल उपयोग का परिणाम है।
इस रेस्क्यू अभियान ने स्थानीय जनता में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ाया है। जिलाधिकारी ने कहा कि भविष्य में ऐसे आपदा प्रबंधन और सुरक्षा उपायों को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को सतर्क रहने और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा।