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रुद्रप्रयाग में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। भूकंप, भूस्खलन, सड़क दुर्घटना और वनाग्नि जैसी आपदाओं से निपटने के लिए विभिन्न विभागों ने संयुक्त रूप से राहत और बचाव कार्यों का अभ्यास किया।
आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए अभ्यास
Rudraprayag: रुद्रप्रयाग जिले में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को व्यापक मॉक अभ्यास (मॉक ड्रिल) का आयोजन किया गया। यह अभ्यास जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण रुद्रप्रयाग के तत्वावधान में आयोजित किया गया। मॉक ड्रिल का आयोजन सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक जिले के विभिन्न स्थानों पर किया गया, जिसमें संभावित आपदाओं की स्थिति बनाकर राहत और बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया।
मॉक अभ्यास के दौरान भूकंप, भूस्खलन, सड़क दुर्घटना और वनाग्नि जैसी संभावित आपदाओं को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग स्थानों को इंसीडेंट एरिया के रूप में चिन्हित किया गया। इन स्थानों पर संबंधित विभागों और एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया। इसका उद्देश्य यह था कि वास्तविक आपदा की स्थिति में विभागों की प्रतिक्रिया और समन्वय बेहतर तरीके से काम कर सके।
मॉक ड्रिल में पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवा, डीडीआरएफ सहित अन्य आपदा प्रबंधन टीमों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इन सभी एजेंसियों ने मिलकर प्रभावित लोगों के सुरक्षित रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार और राहत कार्यों का अभ्यास किया। इसके साथ ही घायलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और आवश्यक संसाधनों के समन्वय का भी अभ्यास किया गया।
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जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि सिरोहबगड़, रुद्रप्रयाग और मुनकटिया, सोनप्रयाग क्षेत्रों में भूस्खलन की काल्पनिक स्थिति बनाकर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। वहीं घोलतीर क्षेत्र में सड़क दुर्घटना की स्थिति तैयार कर घायलों के रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार और अस्पताल तक पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया।
आपदा से निपटने की तैयारी परखी गई
अगस्त्यमुनि क्षेत्र में भूकंप की काल्पनिक स्थिति बनाकर आपदा प्रतिक्रिया, घायलों की सुरक्षित निकासी और राहत प्रबंधन की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। वहीं रुद्रप्रयाग-पोखरी मोटर मार्ग पर सनबैंड के समीप वनाग्नि की स्थिति का परिदृश्य तैयार कर आग बुझाने और क्षेत्र को सुरक्षित करने का प्रदर्शन किया गया।
इस मॉक अभ्यास के लिए गुलाबराय मैदान को स्टेजिंग एरिया बनाया गया था। यहीं से विभिन्न टीमों के बीच समन्वय स्थापित किया गया और संसाधनों के प्रबंधन के साथ आवश्यक निर्देश जारी किए गए। अधिकारियों ने पूरे अभ्यास की निगरानी करते हुए टीमों की कार्यशैली और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का मूल्यांकन किया।
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अभ्यास के दौरान जिला विकास अधिकारी एवं नोडल अधिकारी अनीता पंवार ने कहा कि ऐसे मॉक अभ्यासों का उद्देश्य आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों को मजबूत करना है। इससे विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अभ्यास जन-धन की सुरक्षा के लिए प्रशासन की तैयारियों को और अधिक मजबूत बनाते हैं।