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रामनगर में हनुमान जन्मोत्सव की शोभायात्रा के दौरान झांकी को लेकर विवाद बढ़ गया। करणी सेना और श्री बालाजी मंदिर से जुड़े सैकड़ों लोग कोतवाली में आमने-सामने आ गए और जमकर हंगामा हुआ। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मंदिर समिति के लोग कोतवाली पहुंचे
Nainital: उत्तराखंड़ के रामनगर में हनुमान जन्मोत्सव की शोभायात्रा के दौरान झांकियों को लेकर विवाद खड़ा हो गया, जिसके बाद करणी सेना और श्री बालाजी मंदिर समिति से जुड़े सैकड़ों लोग आमने-सामने आ गए। मंगलवार को श्री बालाजी मंदिर कोसी घाट से जुड़े लोग बड़ी संख्या में कोतवाली पहुंचे और जमकर हंगामा करते हुए करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष सूरज चौधरी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मंदिर समिति के लोगों का आरोप है कि शोभायात्रा के दौरान करणी सेना के पदाधिकारियों ने अनावश्यक विरोध करते हुए माहौल खराब करने की कोशिश की। इसको लेकर मंदिर से जुड़े लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ भी नारेबाजी की और तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। हालांकि इस दौरान कोतवाली परिसर में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली, जिससे कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
इस पूरे मामले में करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष सूरज चौधरी ने भी अपनी तरफ से कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि हनुमान जन्मोत्सव की शोभायात्रा में निकाली गई एक झांकी में भगवान शिव और माता पार्वती को आपत्तिजनक तरीके से प्रस्तुत किया गया।
सूरज चौधरी के मुताबिक झांकी में भगवान शंकर और पार्वती को अर्थनग्न अवस्था में सड़क पर नचाया जा रहा था, जो हिंदू आस्था के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर वह पिछले कई वर्षों से मंदिर समिति से अनुरोध करते आ रहे हैं कि ऐसी झांकियों पर रोक लगाई जाए।
नैनीताल के रामनगर में हनुमान जन्मोत्सव की शोभायात्रा के बाद झांकी को लेकर विवाद बढ़ गया। करणी सेना और बालाजी मंदिर समिति के लोग कोतवाली में आमने-सामने आ गए और जमकर हंगामा हुआ। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। #Ramnagar #HanumanJanmotsav… pic.twitter.com/fx8aIyQWKH
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) March 31, 2026
उन्होंने स्पष्ट किया कि करणी सेना को शोभायात्रा से कोई विरोध नहीं है, लेकिन धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले दृश्य स्वीकार नहीं किए जा सकते। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
दूसरी ओर श्री बालाजी मंदिर के महंत डॉ. शुभम गर्ग ने भी करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष सूरज चौधरी के आरोपों को खारिज करते हुए उनकी भूमिका की निंदा की है। महंत ने करणी सेना पर शोभायात्रा के दौरान माहौल बिगाड़ने और अनावश्यक विवाद खड़ा करने का आरोप लगाया।
डॉ. शुभम गर्ग ने पुलिस प्रशासन पर भी गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई तो वे जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई तो 2 अप्रैल को मंदिर समिति द्वारा आयोजित होने वाले विशाल भंडारे और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का बहिष्कार किया जा सकता है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर मामले की जांच कर रही है। वहीं बालाजी मंदिर से जुड़े कई लोग कोतवाली परिसर में प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी कर रहे हैं, जिससे इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है।