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उत्तराखंड में 'जिहाद' और धर्मांतरण के मुद्दों पर बढ़ा सियासी पारा (Img- Internet)
Dehradun: देवभूमि उत्तराखंड में एक बार फिर 'लव जिहाद', 'लैंड जिहाद', थूक जिहाद और अवैध धर्मांतरण जैसे मुद्दों ने सियासी और सामाजिक माहौल को गरमा दिया है। राज्य में हिंदुत्व और जनसांख्यिकीय परिवर्तन (डेमोग्राफिक चेंज) को लेकर बहस तेज हो गई है। जहां एक तरफ दक्षिणपंथी संगठन सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद मंचों से लगातार सख्त चेतावनी देते नजर आ रहे हैं।
राज्य सरकार का दावा है कि प्रदेश में एक सोची-समझी रणनीति के तहत भूमि कब्जाने और धर्मांतरण की कोशिशें हो रही हैं, जबकि विपक्षी दल इसे समाज को बांटने और ध्रुवीकरण की राजनीति करार दे रहे हैं।
इस विवाद के बीच, बीते दिन राजधानी देहरादून की सड़कों पर बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों के हाथों में 'लव जिहाद बंद करो', 'लैंड जिहाद नहीं चलेगा' और 'धर्मांतरण रोको' जैसे नारों वाली तख्तियां थीं। इस बड़े प्रदर्शन के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे भीषण गर्मी के बीच आम राहगीरों को घंटों परेशानियों का सामना करना पड़ा।
हिंदू संगठनों का आरोप है कि उत्तराखंड की मूल धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को बदलने का एक सुनियोजित षड्यंत्र रचा जा रहा है, जिस पर सरकार को और अधिक कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है।
जो भी व्यक्ति छल, प्रलोभन, दबाव अथवा षड्यंत्र के माध्यम से धर्मांतरण जैसे कुकृत्य में संलिप्त पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। pic.twitter.com/WinRHi2T4M
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) May 17, 2026
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इन सब सामाजिक हलचलों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भी बेहद कड़ा रुख सामने आया है। उधम सिंह नगर के सितारगंज में थारू राणा और बुक्सा जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने साफ लहजे में कहा कि उत्तराखंड में जबरन या किसी भी प्रकार का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे तत्वों की सीधी जगह जेल में होगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने सख्त धर्मांतरण कानून इसीलिए बनाया है ताकि देवभूमि की मूल संस्कृति और जनजातीय अस्मिता सुरक्षित रह सके।
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मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में महाराणा प्रताप का जिक्र करते हुए कहा कि उनके वंशज अपनी संस्कृति से जुड़े रहें, यह सरकार की जिम्मेदारी है। 'लैंड जिहाद' का मुद्दा उठाते हुए सीएम ने दावा किया कि 'हरि और नीली चादर' डालकर सरकारी जमीनों को कब्जाने का एक बड़ा खेल चल रहा था, लेकिन सरकार ने त्वरित और कठोर कार्रवाई करते हुए अब तक 12 हजार एकड़ से भी ज्यादा सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। तराई क्षेत्र में ईसाई मिशनरियों द्वारा कथित धर्मांतरण की खबरों के बाद अब पूरे प्रदेश में जिला प्रशासनों को कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
Location : Dehradun
Published : 18 May 2026, 6:31 PM IST