उत्तराखंड में प्रश्न पत्र हल कराने वाले हाईटेक नकल गैंग का पर्दाफाश, 2 गिरफ्तार

एसटीएफ ने उत्तराखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्न पत्र हल कराने वाले गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में परीक्षा में नकल करा रहे दो आरोपियों को उत्तराखंड एसटीएफ ने गिरफ्तार भी किया है। पुलिस आरोपियों से मामले के बारे में पूछताछ कर रही है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 14 February 2026, 4:36 PM IST
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Dehradun: एसटीएफ ने उत्तराखंड में मल्टी टास्किंग स्टाफ एण्ड हवलदार परीक्षा-2025 में अम्यर्थियों से मोटी रकम लेकर प्रश्न-पत्र हल करने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया है। एसटीएफ ने गिरोह के 2 सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान नीतीश कुमार पुत्र चंद्रभान गॉड निवासी ग्राम सुरजीपुर पोस्ट भाटपाररानी जनपद देवरिया और भास्कर नैथानी पुत्र दिनेश चंद्र नैथानी निवासी मौ० सरस्वतीपुरम लेन नम्बर 4 पोस्ट नाथवाला जनपद देहरादून उत्तराखंड के रूप में हुई है।

एसटीएफ ने आरोपियों से 2 लैपटॉप, 10 इथरनेट कनैक्टर एडेप्टर, 2 इथरनेट केबल केट, 1 डिजीटल राउटर मय चार्जर, 4 मोबाईल फोन बरामद किया है। एसटीएफ ने आरोपियों की गिरफ्तारी महादेव डिजीटल जोन (एम० के०पी०) इण्टर कालेज थाना कोतवाली देहरादून से की है।

जानकारी के अनुसार एसटीएफ को ऑनलाईन प्रचलित भर्ती परीक्षा में सिस्टम हैक करने एंव सॉल्वर बैठाकर परीक्षा कराने की शिकायतें प्राप्त होन रही थी जिस पर पुलिस ने एसटीएफ की विभिन्न टीमों/फील्ड इकाईयों को निर्देशित किया।

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जानकारी के अनुसार इसी उद्देश्य के लिए टीम देहरादून, उत्तराखंड क्षेत्र में भ्रमणशील थी। इस दौरान एसटीएफ को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि महादेव डीजिटल जोन (एमकेपी) इण्टर कालेज देहरादून के परीक्षा लैब के पास बने यूपीएस रूम में एसएससी द्वारा संचालित ऑनलाईन मल्टी टास्किंग (नॉन टेक्निकल) स्टाफ एण्ड हवलदार परीक्षा-2025 में कम्प्यूटर सिस्टम हैक करके अभ्यार्थियों से मोटी रकम लेकर परीक्षा में नकल करा रहे हैं, यदि जल्दी की जाये तो पकडे जा सकते है।

इस पर विश्वास करते हुए एसटीएफ देहरादून और मेरठ टीम जगदीश चन्द्र पंत पुलिस उपाधीक्षक, एसटीएफ देहरादून को साथ लेकर महादेव डिजीटल जोन (एम०के०पी०) इण्टर कालेज पहुंची और परीक्षा लैब के पास बने यूपीएस रूम में गहन तलाशी ली।

हाईटेक गिरोह का पर्दाफाश

इस दौरान निर्मित अंडर ग्राउण्ड चैम्बर में 2 लैपटॉप चालू अवस्था में पाया गया जिन पर करसर मूव कर रहा था, जिसे देखने से ऐसा प्रतीत हो रहा था कि इनको किसी द्वारा रिमोटली चलाया जा रहा है। एक लैपटॉप में दो विंडो ओपन हैं जिसमें से एक आंशिक रूप से टर्मिनल विंडो प्रदर्शित हो रही हैं।

आरोपियों ने उगले राज

सम्पूर्ण पूछताछ के उपरान्त पर्याप्त साक्ष्य के आधार पर उपरोक्त व्यक्तियों को समय लगभग 22.30 बजे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि नीतीश कुमार अपने माता-पिता व भाई के साथ नांगलोई दिल्ली में किराये के मकान में वर्ष 2007 से रहता है और वह इलेक्ट्रिशियन का काम करता हैं।

अभियुक्त अपने साथी नकल माफियाओं के कहने पर राउटर को पावर सप्लाई व इन्टरनेट हेतु अवैध रूप से छिपाते हुए चैम्बर मे अण्डरग्राउण्ड वायर जो कि लैब व कैमरे से कनेक्ट की गयी हैं, के जरिये नकल कराते थे।

इससे पूर्व एसएससी द्वारा अयोजित दिल्ली पुलिस चालक की परीक्षा मे माह नवम्बर 2025 में इसी कैम्पस में आया था उसी दौरान उसके द्वारा यह सेटअप नीतीश कुमार ने अपने साथियो से बनवाया था।

गिरफ्तार अभियुक्त अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर संगठित रूप से ऑनलाईन परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग कर परीक्षार्थियो से मोटी रकम वसूल कर नकल कराने का कार्य करते हैं। नकल माफिया, भास्कर नैथानी के नाम से सेंटर ले रखे थे। नकल माफियाओं द्वारा 30 हजार रूपये प्रतिमाह भास्कर नैथानी को एवं रू0 40 हजार नीतीश कुमार जो कि आई०टी० हैड को दिया जाता था।

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गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध थाना कोतवाली जनपद देहरादून, उत्तराखंड में संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। पुलिस आगे की जांच में जुट गई है।

आईजी एसटीएफ नीलेश भरणे ने बताया कि आरोपियों की तरफ से अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने के लिए दस लाख रुपए की मांग की जाती थी। इसके बाद अत्याधुनिक तकनीकी का प्रयोग कर कम्प्यूटर को रिमोटली एक्सेस लेकर उनका प्रश्न पत्र हल किया जाता था।

Location : 
  • Dehradun

Published : 
  • 14 February 2026, 4:36 PM IST

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