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सोशल मीडिया पर विवादित बयानबाजी के मामलों में हल्द्वानी की चर्चित ब्लॉगर ज्योति अधिकारी को उत्तराखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज मामलों में फिलहाल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है और सोशल मीडिया के जिम्मेदार इस्तेमाल पर अहम टिप्पणी की है।
Jyoti Adhikari
Haldwani: सोशल मीडिया के जरिए पहचान बनाने वाली हल्द्वानी की चर्चित ब्लॉगर ज्योति अधिकारी को उत्तराखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। पहाड़ की महिलाओं और देवी-देवताओं को लेकर कथित आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल से जुड़े मामलों में हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत के इस आदेश के बाद ज्योति अधिकारी के खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई को लेकर नया मोड़ आ गया है।
सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ था बवाल
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब ज्योति अधिकारी के सोशल मीडिया पोस्ट और लाइव वीडियो पर लोगों ने कड़ा ऐतराज जताया। आरोप लगाया गया कि उन्होंने देवी-देवताओं और पहाड़ की महिलाओं को लेकर ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया, जिससे धार्मिक और सामाजिक भावनाएं आहत हुईं। देखते ही देखते उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों में उनके खिलाफ सात मुकदमे दर्ज हो गए। इनमें से दो मामलों में उन्हें छह दिन की जेल भी काटनी पड़ी थी।
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ ने कहा कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय हर व्यक्ति को जिम्मेदारी और संयम बरतना चाहिए। अदालत ने साफ कहा कि ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं होना चाहिए जिससे किसी समुदाय, वर्ग या धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचे। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि जिन पोस्टों को लेकर विवाद खड़ा हुआ था, उन्हें ज्योति अधिकारी पहले ही हटा चुकी हैं।
सरकारी पक्ष और बचाव की दलीलें
सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने दलील दी कि ज्योति अधिकारी ने सोशल मीडिया पर अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए जानबूझकर अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया, जिससे समाज में आक्रोश फैला। वहीं, ज्योति अधिकारी की ओर से अधिवक्ता सौरभ अधिकारी ने अदालत को बताया कि विवादित सामग्री हटाई जा चुकी है और भविष्य में ऐसी किसी भी स्थिति से बचने का आश्वासन दिया गया है। इन दलीलों के बाद कोर्ट ने पांच मामलों में गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश दिया।
अंकिता भंडारी केस से जुड़ा पुराना विवाद
ज्योति अधिकारी का नाम पहली बार बड़े विवाद में तब आया था जब अंकिता भंडारी हत्याकांड के विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने लाइव वीडियो और पोस्ट में कई तीखे बयान दिए थे। इन्हीं बयानों को लेकर उनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हुए और उन्हें जेल भी जाना पड़ा। हालांकि हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद उन्हें फिलहाल बड़ी राहत मिल गई है।=