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केदारनाथ धाम यात्रा 2026 की तैयारियों को लेकर 7-8 फरवरी को केदारपुरी में संयुक्त निरीक्षण होगा। डीएम प्रतीक जैन ने विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंपीं, उपजिलाधिकारी ऊखीमठ को नोडल अधिकारी बनाया गया।
केदारनाथ यात्रा 2026 को लेकर प्रशासन अलर्ट (Img- Internet)
Rudraprayag: आगामी केदारनाथ धाम यात्रा 2026 के सुचारु, सुरक्षित और व्यवस्थित संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 7 और 8 फरवरी 2026 को केदारपुरी में विभिन्न विभागों द्वारा संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। इस संबंध में जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
संयुक्त निरीक्षण के दौरान केदारनाथ यात्रा मार्ग, केदारपुरी और गौरीकुण्ड से केदारनाथ तक की समस्त व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रा प्रारंभ होने से पहले सभी आवश्यक कार्य समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और मानकों के अनुरूप पूरे कर लिए जाएं।
जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल सिंह रावत एवं तहसीलदार ऊखीमठ को यात्रा मार्ग पर स्थित सभी दुकानों के निरीक्षण और चिन्हीकरण के निर्देश दिए हैं। वहीं, अधिशासी अभियंता निर्माण खंड गुप्तकाशी को पैदल यात्रा मार्ग की मरम्मत, बेंच, कूड़ादान, डंडी-कंडी काउंटर, तप्तकुंड आदि कार्यों के लिए आंगणन तैयार कर स्वीकृति हेतु प्रस्तुत करने को कहा गया है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को यात्रा मार्ग की सुरक्षा, आपदा पूर्व तैयारियों और संवेदनशील वृक्षों के कटान की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग रुद्रप्रयाग को रुद्रप्रयाग से गौरीकुण्ड तक सड़क मार्ग का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
विद्युत वितरण खंड रुद्रप्रयाग को विद्युत व्यवस्थाओं की समीक्षा, जबकि जल संस्थान को जलापूर्ति, प्याऊ, चरियां और स्टैंड पोस्ट की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला पंचायत को यात्रा मार्ग की साफ-सफाई, ट्रेंचिंग ग्राउंड और कूड़ादान व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
डीएम प्रतीक जैन ने दिए निर्देश
मुख्य चिकित्साधिकारी को स्वास्थ्य सुविधाएं, मेडिकल कैंप और चेकअप पोस्ट की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य पशुचिकित्साधिकारी को घोड़े-खच्चरों के संचालन और उनके मेडिकल परीक्षण की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को डंडी-कंडी काउंटर और मंदिर से जुड़ी यात्रा व्यवस्थाओं के निरीक्षण का कार्य सौंपा गया है।
पुलिस उपाधीक्षक गुप्तकाशी/सोनप्रयाग को सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस चेक पोस्ट सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं। उप प्रभागीय वनाधिकारी को वन भूमि से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा करनी होगी। जिलापूर्ति अधिकारी को यात्रियों के लिए रहने और खाने की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
यात्रा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं के पर्यवेक्षण और निगरानी हेतु उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल सिंह रावत को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे निरीक्षण के दौरान पूरी तैयारी और संबंधित अभिलेखों के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें।
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पैदल यात्रा मार्ग के निरीक्षण के उपरांत सभी विभागों को अपने-अपने दायित्वों से संबंधित विस्तृत कार्ययोजना, औपचारिकताओं और अभिलेखों सहित तीन दिवस के भीतर यात्रा व्यवस्था सेल को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।