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कौशांबी जिलाधिकारी डॉ अमित पाल ने चार महत्वपूर्ण बैठकों में शिक्षा, निर्माण, सोशल सेक्टर और बाल कल्याण योजनाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को गुणवत्ता, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी डॉ अमित पाल ने की शिक्षा और सोशल सेक्टर की बैठक
Kaushambi: जिले में विकास कार्यों को गति देने और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ अमित पाल ने एक के बाद एक चार महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकें कीं। इन बैठकों में शिक्षा विभाग के निर्माण कार्य, सोशल सेक्टर की योजनाएं, जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति तथा बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड के कार्यों की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने जहां लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई, वहीं अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उदयन सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा एवं समाज कल्याण विभाग से जुड़े निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय एवं मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय के निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति न पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई। बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित प्रोजेक्ट मैनेजर एवं अधिशासी अभियंताओं का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय से पूरा कराया जाए। राजकीय विद्यालयों में बाउंड्रीवाल, प्रोजेक्ट अलंकार तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में एकेडमिक ब्लॉक, हॉस्टल एवं अतिरिक्त कक्षों के निर्माण में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कार्यालय कक्ष में आयोजित सोशल सेक्टर की समीक्षा बैठक में वृद्धावस्था पेंशन, छात्रवृत्ति, ओ-लेवल एवं ट्रिपल-सी कोर्स सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों का परिवार रजिस्टर से मिलान कराने के निर्देश दिए।
योजनाओं पर पैनी नजर
राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और निर्माण कार्यों से जुड़े अन्य संभावित कार्यों की जांच कर आख्या प्रस्तुत करने को कहा गया। ओ-लेवल और ट्रिपल-सी कोर्स में बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने पर विशेष जोर दिया गया।
उदयन सभागार में आयोजित जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने आधार प्रमाणीकरण एवं डीबीटी की प्रगति की समीक्षा की। शत-प्रतिशत आधार प्रमाणीकरण सुनिश्चित न होने पर तीन खंड शिक्षाधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। यूनिफॉर्म के साथ बच्चों की फोटो पोर्टल पर अपलोड न करने पर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया।
उन्होंने विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, निपुण तालिका अपडेट रखने, कार्य पुस्तिकाएं भरवाने तथा मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। लंबे समय से अनुपस्थित शिक्षकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के भी आदेश दिए गए।
निर्माण कार्य में ढिलाई, अब जिम्मेदार कौन?
बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने बच्चों के पुनर्वास और संरक्षण से जुड़े मामलों की जानकारी ली। बताया गया कि जनवरी 2026 में दर्जनों मामलों का निस्तारण किया गया है। जिलाधिकारी ने परिवार में पुनर्वासित बच्चों का आकस्मिक फॉलो-अप कराने तथा वन स्टॉप सेंटर में आवासित महिलाओं व बालिकाओं की काउंसलिंग एवं पुनर्वासन प्रक्रिया समय से पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही बाल श्रम के खिलाफ अभियान चलाकर चिन्हांकन एवं कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी श्रम प्रवर्तन अधिकारी को दिए गए।