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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 16 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें गेहूं MSP 2585 रुपये तय करने, वीर उद्यमी योजना, लोन सुविधा, सब्सिडी और कई प्रशासनिक बदलाव जैसे अहम फैसले शामिल हैं। कैबिनेट विस्तार के बाद यह पहली बैठक है।
धामी सरकार का बड़ा ऐलान (Img- Internet)
Dehradun: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रिमंडल की पहली बैठक आयोजित हुई। देहरादून सचिवालय में हुई इस बैठक में नए मंत्रियों का स्वागत किया गया और कुल 16 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा कर उन्हें मंजूरी दी गई।
लोक निर्माण विभाग (PWD) के तहत एक ब्रिज इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट के लिए एक करोड़ रुपये से अधिक की कंसल्टेंसी को मंजूरी दी गई। वहीं न्यायिक अधिकारियों को ई-वाहनों के लिए 4% और अन्य वाहनों के लिए 5% ब्याज दर पर 10 लाख रुपये तक का लोन देने का निर्णय लिया गया।
वन विभाग में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी की अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष से घटाकर 22 वर्ष कर दी गई है। उच्च शिक्षा के तहत स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के परिनियम को भी मंजूरी प्रदान की गई।
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पीएम सूर्य घर योजना के तहत 31 मार्च 2025 तक जिन उपभोक्ताओं के संयंत्र लग चुके हैं, उन्हें सब्सिडी देने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही यूसीसी लागू होने के बाद पुलिसकर्मियों को डिजिटल और कंप्यूटर ट्रेनिंग देने का फैसला भी लिया गया है, जिसमें नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी की मदद ली जाएगी।
वर्दीधारी पदों जैसे पुलिस, पीएसी और आईआरबी के लिए आयु सीमा में किए गए बदलाव को फिलहाल लागू नहीं किया जाएगा। यह नई आयु सीमा दिसंबर 2028 के बाद लागू होगी। इसके अलावा हाइट से जुड़े नियम भी पहले जैसे ही बने रहेंगे।
राज्य सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। साथ ही रबी और खरीफ सत्र में गेहूं और धान की खरीद पर मंडी शुल्क अधिकतम 2% ही रहेगा।
कैबिनेट ने उत्तराखंड वीर उद्यमी योजना को भी मंजूरी दी है। इसके तहत मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में 10% लक्ष्य अग्निवीर और पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित किया गया है। साथ ही उन्हें 5% अतिरिक्त सब्सिडी भी दी जाएगी।
बैठक में उत्तराखंड लोक संपत्ति वसूली अधिनियम की नियमावली लागू करने, होमगार्ड नियमावली को मंजूरी देने और सेतु आयोग के ढांचे को स्वीकृति देने जैसे अहम फैसले भी लिए गए। इसके अलावा विधानसभा सत्रावसान और देवभूमि परिवार अधिनियम को भी मंजूरी दी गई।