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हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज में उत्तराखंड सरकार के चार साल पूरे होने पर आयोजित भव्य जनसभा में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने धामी सरकार के कामकाज की खुलकर सराहना की। मंच से यूसीसी, नकल विरोधी कानून, अतिक्रमण हटाने, सीमांत विकास, निवेश, पर्यटन और रोजगार जैसे मुद्दों को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया गया।
राजनाथ सिंह और धामी
Haldwani: हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज का मैदान रविवार को पूरी तरह सियासी रंग में रंगा नजर आया, जहां सुरक्षा के कड़े घेरे, भारी भीड़ और मंच से उठते राजनीतिक संदेशों के बीच उत्तराखंड सरकार के चार साल का शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी ने जनसभा को और ज्यादा अहम बना दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षा मंत्री का स्वागत नंदा देवी मंदिर की प्रतिकृति और स्थानीय हस्तनिर्मित शॉल भेंट कर किया। जैसे ही दोनों नेता मंच पर पहुंचे, पूरा परिसर नारों और तालियों से गूंज उठा। यह सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकार की उपलब्धियों, फैसलों और भविष्य की राजनीति का बड़ा संकेत भी माना गया।
राजनाथ सिंह ने धामी सरकार की जमकर तारीफ की
अपने संबोधन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तराखंड के शहीदों को नमन करते हुए देवभूमि की पहचान आस्था, अध्यात्म और तप की भूमि के रूप में बताई। उन्होंने कहा कि यहां के लोग मेहनती हैं और राष्ट्रभक्ति उनकी पहचान है। राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली की खुलकर सराहना की और कहा कि जीरो टॉलरेंस, तेज फैसले और सख्त प्रशासनिक रवैये ने राज्य को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि धामी सिर्फ धाकड़ नेता नहीं रहे, बल्कि अब धुरंधर बन चुके हैं, जो विकास से जुड़े फैसलों को मजबूती से जमीन पर उतार रहे हैं। उनके इस बयान के बाद सभा स्थल तालियों से गूंज उठा।
यूसीसी, नकल विरोधी कानून और विकास मॉडल पर फोकस
राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तराखंड ने 25 साल की यात्रा में संघर्ष, बलिदान और विकास की मिसाल पेश की है। उन्होंने सड़क, रेल, हवाई संपर्क, बिजली उत्पादन, पर्यटन, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से हुए कामों को राज्य की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने यूनिफॉर्म सिविल कोड को सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम कहा और याद दिलाया कि इसे लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना। नकल विरोधी कानून, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और सीमांत गांवों के विकास को भी उन्होंने सरकार के मजबूत फैसलों में गिना। उनका कहना था कि अवैध घुसपैठ और अतिक्रमण पर सख्ती सुरक्षा और व्यवस्था दोनों के लिए जरूरी है।
धामी ने गिनाईं चार साल की उपलब्धियां
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी मंच से अपनी सरकार के चार साल का रिपोर्ट कार्ड विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि निवेश, पर्यटन, बुनियादी ढांचा, उद्योग, रोजगार, महिला सशक्तीकरण और पारदर्शी भर्ती प्रणाली ने उत्तराखंड को नई रफ्तार दी है। ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बड़े निवेश प्रस्तावों से प्रदेश में उद्योग और रोजगार के नए रास्ते खुले हैं। उन्होंने दावा किया कि नकल विरोधी कानून ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए सैकड़ों युवाओं को सरकारी नौकरियां मिलीं। धामी ने यह भी कहा कि सीमांत क्षेत्रों में तेजी से हो रहे विकास कार्यों से रिवर्स पलायन को बढ़ावा मिल रहा है, जबकि पर्यटन को मजबूत करने के लिए होमस्टे, होटल और धार्मिक स्थलों के विकास पर लगातार काम हो रहा है।
प्रदर्शनी और भीड़ ने बढ़ाई जनसभा की भव्यता
कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इसमें जमरानी बांध परियोजना, राष्ट्रीय राजमार्ग, ग्रामीण विकास और वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी गई। जनसभा में कैबिनेट मंत्री, सांसद, विधायक, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। भारी भीड़ और मंच से पेश किए गए विकास के विजन ने साफ कर दिया कि सरकार अपने चार साल के कामकाज को जनता के सामने बड़े राजनीतिक भरोसे के साथ रख रही है।