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चंद्रनाथ रथ (Img : Google)
Kolkata : बंगाल भाजपा के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या की जांच अब एक बड़े और सनसनीखेज मोड़ पर पहुंच गई है। पश्चिम बंगाल पुलिस और एसआईटी को शक है कि इस हत्याकांड के पीछे एक संगठित सुपारी किलर नेटवर्क काम कर रहा था। जिसकी कड़ियां जेल नेटवर्क से लेकर उत्तर प्रदेश तक जुड़ी हो सकती हैं।
पुलिस को जांच के दौरान एक के बाद एक अहम सुराग मिले हैं। अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन हत्या में इस्तेमाल दूसरी मोटरसाइकिल बारासात के रेल गेट नंबर-11 के पास से बरामद की गई है। इससे पहले कोलकाता एयरपोर्ट इलाके से मिली एक अन्य बाइक की नंबर प्लेट फर्जी निकली थी। वहीं घटनास्थल के पास से बरामद एक कार की नंबर प्लेट भी नकली पाई गई, जिससे यह साफ होता है कि आरोपी पहचान छिपाने में बेहद सतर्क थे।
सबसे बड़ा खुलासा यूपी एंगल से जुड़ा हुआ माना जा रहा है। जांच में सामने आया कि सिलीगुड़ी निवासी वाहन मालिक ने अपनी कार बेचने के लिए एक ऑनलाइन वेबसाइट पर विज्ञापन डाला था। इसके बाद उसे उत्तर प्रदेश के एक कथित खरीदार का फोन आया। इसी कॉल डिटेल के आधार पर एसआईटी की टीम अब उत्तर प्रदेश भेजी गई है।
पुलिस को शक है कि हत्या में इस्तेमाल लाल रंग की एक संदिग्ध चारपहिया गाड़ी भी यूपी या बाहर किसी राज्य में रजिस्टर्ड हो सकती है। बताया जा रहा है कि इस वाहन में 7 से 8 लोग सवार थे और पूरी वारदात को अंजाम देने में इसी का इस्तेमाल हुआ।
जांच एजेंसियों को डिजिटल सबूत भी मिले हैं, जिससे साफ संकेत मिलते हैं कि इस पूरी हत्या की साजिश एक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए रची गई थी। इसी ग्रुप के माध्यम से आरोपियों ने योजना बनाई, मूवमेंट तय किया और हमले को अंजाम दिया। एसआईटी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि आखिर इस सुपारी किलर नेटवर्क को किसने तैयार किया और किसने इसे फंडिंग व निर्देश दिए।
Location : Kolkata
Published : 9 May 2026, 6:47 AM IST
Topics : Bengal News Chandranath Rath murder SIT Investigation Suvendu Adhikari PA West Bengal police