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रामनगर के ढिकुली ग्रामसभा क्षेत्र में सिंचाई नहर के ऊपर की जा रही कवरिंग को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्राम प्रधान पति जगदीश छिम्वाल ने रिसोर्ट मालिक के ऊपर अपने निजी सिंचाई नहर के ऊपर अवैध रूप से कवरिंग का आरोप लगाया है। ग्राम प्रधान पति जगदीश छिम्वाल ने मामले के बाबत एसडीएम से कार्रवाई की मांगी की है।
सिंचाई नहर पर अवैध कवरिंग
Nainital: रामनगर के ढिकुली ग्रामसभा क्षेत्र में सिंचाई नहर के ऊपर की जा रही कवरिंग को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्राम प्रधान पति जगदीश छिम्वाल ने इस संबंध में एसडीएम रामनगर प्रमोद कुमार के साथ ही लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता से लिखित शिकायत की।
जगदीश छिम्वाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में कई रिसोर्ट मालिक अपने निजी आवागमन के लिए सिंचाई नहर के ऊपर अवैध रूप से कवरिंग कर रहे हैं, जिससे बरसात के समय बड़े खतरे की आशंका बनी हुई है।

जगदीश छिम्वाल ने बताया कि बरसात के दौरान नहर में पानी के साथ कूड़ा-कचरा और झाड़ियां भी बहकर आती हैं। नहर के ऊपर पुलिया या कवरिंग बनाए जाने से पानी का बहाव बाधित हो जाता है, जिससे पानी आसपास के घरों में घुसने का खतरा रहता है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी ऐसी स्थिति के कारण कई घरों में नहर का पानी घुस चुका है, जिससे लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि यह नहर कवरिंग पूरी तरह व्यक्तिगत हितों को ध्यान में रखकर की जा रही है, जबकि नहर के किनारे रहने वाले लोगों के घरों में जलभराव की समस्या लगातार बढ़ रही है, उन्होंने मांग की कि किसी भी व्यवसायिक प्रतिष्ठान को नहर कवरिंग की अनुमति न दी जाए और यदि कहीं कवरिंग की जा चुकी है तो जनहित को देखते हुए उसे तत्काल तोड़ा जाए।
मामले के बारे में बताते प्रधान पति जगदीश छिम्वाल
प्रधान पति ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में लोक निर्माण विभाग द्वारा एक नहर कवरिंग का कार्य कराया गया। जब इस संबंध में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अजय कुमार जॉन से संपर्क किया गया तो जानकारी मिली कि उनके द्वारा एनओसी जारी की गई है, जबकि उनके अनुसार एनओसी जारी करने का अधिकार केवल देहरादून स्थित एचओडी स्तर पर है।
इस पर आपत्ति जताने के बाद सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ने लोक निर्माण विभाग को पत्र लिखकर कार्य रोकने के निर्देश दिए, लेकिन इसके बावजूद कार्य नहीं रोका गया और बिना वैध एनओसी के काम पूरा कर दिया गया।

जगदीश छिम्वाल ने कहा कि यह भी एक प्रकार का अतिक्रमण है। सरकार ने अतिक्रमण के नाम पर पूर्व में कई लोगों को बेदखल किया है, ऐसे में जनहित को नुकसान पहुंचाने वाले इस तरह के कार्यों पर भी समान कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
रामनगर एसडीएम प्रमोद कुमार
इस मामले में एसडीएम रामनगर प्रमोद कुमार ने बताया कि संबंधित नहर कवरिंग का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जा रहा है, जिसका बजट जिला योजना के अंतर्गत स्वीकृत हुआ है। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सिंचाई विभाग से नहर की विधिवत नपती और समन्वय के बाद ही कार्य किया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।
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एसडीएम ने आश्वासन दिया कि पूरे प्रकरण की जांच की जाएगी और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया गया तो दोषी अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।