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विजिलेंस टीम ने पटवारी को रिश्वत लेते दबोचा
देहरादून: जनपद के कालसी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। विजिलेंस टीम ने सोमवार को एक पटवारी को रंगे हाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार किया लेकिन इस दौरान पटवारी ने रिश्वत के पैसो को निगल लिया। इस खबर से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार कोटी क्षेत्र के पटवारी गुलशन हैदर के खिलाफ विजिलेंस के पास शिकायत पहुंची थी। जिस पर टीम ने योजना बनाकर पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया लिया। लेकिन इस दौरान पटवारी ने सबूत मिटाने के लिए एक कारनामा कर दिया।
इस दौरान उसने रुपये निगल गये। इस घटना के बाद टीम आरोपी पटवारी को तुरंत अल्ट्रासाउंड के लिए उप जिला अस्पताल विकासनगर लेकर पहुंची। जहां पर रेडियोलॉजिस्ट पटवारी का अल्ट्रासाउंड कर रहे हैं।
कालसी चकराता और देहरादून के बीच डाकपत्थर के पास यमुना नदी के किनारे बसा एक छोटा सा शहर है । कालसी शहर अपनी विरासत के लिए जाना जाता है। प्रसिद्ध मौर्य सम्राट अशोक के शिलालेख कालसी में मौजूद हैं। इसका महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह उत्तर भारत में मौजूद अशोक का एकमात्र शिलालेख है। इन शिलालेखों में पाली भाषा का इस्तेमाल किया गया है।
अशोक के इस शिलालेख का निर्माण 450 ईसा पूर्व में हुआ था और इस शिलालेख के लिए 10 फीट लंबे और 8 फीट चौड़े क्वार्ट्ज पत्थर का इस्तेमाल किया गया है। अब कालसी के अशोक शिलालेख को भारतीय पुरातत्व विभाग के अधीन संरक्षित किया गया है।
कलसी में यमुना और उसकी सबसे बड़ी सहायक नदी टोंस से मिलने वाली हरी-भरी प्राचीन और विशाल घाटी है। आप कलसी के पास मछली पकड़ने का भी आनंद ले सकते हैं, लेकिन इसके लिए पहले अनुमति लेनी होगी।
कालसी चकराता से 43 किमी दूर डाकपत्थर के पास NH 123 पर स्थित है। चकराता या देहरादून से बस या टैक्सी किराए पर लेकर यहाँ आसानी से पहुंचा जा सकता है। कालसी पहुँचने के लिए निकटतम रेल संपर्क देहरादून रेलवे स्टेशन (46 किमी) और जॉली ग्रांट हवाई अड्डा (70 किमी) है।
उत्तराखंड के देहरादून जिले का एक छोटा सा गांव, कलसी देहरादून जिले के जौनसार-बावर आदिवासी क्षेत्र के प्रवेश द्वार के रूप में जाना जाता है। यह यमुना नदी के किनारे देहरादून और चकराता हिल स्टेशन के बीच स्थित है।
Location : Dehradun
Published : 26 May 2025, 4:26 PM IST