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प्रतीकात्मक छवि (सोर्स- AI)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के करीब आते समय के साथ एक बड़ा राजनीतिक सवाल चर्चाओं में आ रहा है। चुनाव आयोग ने बिहार, मध्य प्रदेश और गुजराज में रिक्ट सीटों के लिये विधानसभा उपचुनाव की तिथियां घोषित कर दी है लेकिन उत्तर प्रदेश में खाली तीन सीटों पर उपचुनाव की घोषणा को टाल दिया है। उत्तर प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव की घोषणा न करने से यह सवाल उठ रहा है कि क्या राज्य में रिक्त सीटों पर चुनाव को जानबूझकर टाला जा रहा है?
दरअसल, उत्तर प्रदेश में मऊ की घोसी सीट, बरेली की फरीदपुर सीट और सोनभद्र की दुद्धी सीट खाली है। ये तीनों सीटें क्रमश: सपा विधायक सुधाकर सिंह, भाजपा विधायक प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल और सपा विधायक विजय सिंह गोंड के आकस्मिक निधन के बाद रिक्त हुईं थी। घोसी सीट तो लगभग सात माह से खाली है।
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इन तीन सीटों पर चुनाव की घोषणा न होने से चुनाव आयोग को सवालों के कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। यह पूछा जा रहा है कि दूसरे राज्यों में उपचुनाव वक्त पर कराने का ऐलान किया जा रहा है लेकिन उत्तर प्रदेश को लेकर आयोग आखिर क्यों खमोश है?
यूपी में उपचुनाव की घोषणा न होने से यह अटकलें भी जोर पकड़ रही है कि राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव समय से पहले होंगे और इन सीटों पर उपचुनाव भी उसी समय होगा। लेकिन दूसरी तरफ कानूनी और राजनीतिक संकट भी पैदा हो रहा है। क्योंकि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार यदि कोई विधानसभा सीट रिक्त होती है तो 6 महीने के भीतर उस पर उपचुनाव होना चाहिए। लेकिन दूसरे राज्यो में 3 महीने से खाली हुई सीटों पर उपचुनाव के कार्यक्रम आ गए हैं। यूपी में 7 महीने से खाली सीट पर उपचुनाव को लेकर चर्चा भी नहीं हो रही है, यह बड़ा सवाल है।
Location : Lucknow
Published : 4 July 2026, 4:50 PM IST
Topics : Election Commission UP By Election 2026 UP Election Suspense UP Assembly Election UP Politics News