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रिश्तेदारों ने ही रचा ठगी का चक्रव्यूह (Img- AI)
Agra: जिसे सबसे करीबी समझा, वही सबसे बड़ा धोखेबाज निकला। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में कार्यरत डॉ. एमपी यादव के साथ उनके ही रिश्तेदारों ने एक ऐसा जाल बुना, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। जमीन दिलाने के नाम पर रिश्तेदारों ने डॉक्टर दंपत्ति से करीब 50 लाख रुपये ऐंठ लिए और उन्हें एक ऐसी जमीन की फर्जी रजिस्ट्री थमा दी, जो उनकी थी ही नहीं।
आगरा के ताजगंज निवासी डॉ. एमपी यादव की पत्नी ऊषा यादव के अनुसार, उनके रिश्तेदार (उमेश, राजकुमार, संजय, विजय, अजय और तेजश) उनके पास आए थे। उन्होंने सिरसागंज के अफजलपुर इमलिया स्थित अपनी जमीन बेचने का सौदा तय किया।
विश्वास में आकर डॉक्टर दंपत्ति ने 12.50 लाख रुपये नकद और 37.50 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिए दे दिए। लेकिन शातिर रिश्तेदारों ने असली मालिक राजेंद्र सिंह की जगह किसी फर्जी व्यक्ति को खड़ा कर कूटरचित दस्तावेजों के जरिए रजिस्ट्री करा दी।
पूरे 50 लाख रुपये ऐंठने के बाद जब पीड़िता के पति जमीन पर कब्जा लेने और उसकी नापजोख कराने पहुंचे, तो आरोपियों के सुर बदल गए। उन्होंने जमीन देने से साफ इनकार कर दिया। जब डॉक्टर ने मामले की गहराई से छानबीन की, तब जाकर पता चला कि जिस जमीन की रजिस्ट्री उन्हें दी गई थी, उसका असली मालिक कोई और ही है और उनके साथ अपनों ने ही छल किया है।
ठगी का अहसास होने पर पीड़िता ने पुलिस और एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार उन्हें अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। अब कोर्ट के कड़े रुख के बाद सिरसागंज थाना पुलिस ने नामजद छह आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज बनाने की धाराओं में मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
Location : Agra
Published : 19 August 2026, 11:31 AM IST
Topics : Agra news crime news Land Fraud UP News