बदायूं में कुदरत का कहर: आंधी से गिरा पीपल का पेड़, मलबे में चली गई जान

बदायूं के सैंडोला गांव में तेज आंधी और बारिश के दौरान एक विशाल पीपल का पेड़ मठ पर गिर गया। मठ के मलबे में दबकर 45 वर्षीय अहिवरन सिंह की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 1 June 2026, 2:04 PM IST
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Budaun : मौसम का कहर एक ग्रामीण के लिए मौत बनकर आया। तेज आंधी और बारिश के बीच ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ। जिसने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया। बारिश से बचने के लिए जिस मठ को सुरक्षित ठिकाना समझकर एक ग्रामीण वहां पहुंचा था।  वही कुछ ही पलों में उसकी मौत की वजह बन गया। विशाल पीपल का पेड़ मठ पर गिरा, ढांचा भरभराकर ढह गया और मलबे में दबकर ग्रामीण की मौके पर ही जान चली गई।

आंधी-बारिश के बीच हुआ दर्दनाक हादसा

यह हादसा फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के सैंडोला गांव में रविवार शाम हुआ। अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। इसी दौरान गांव निवासी 45 साल अहिवरन सिंह भी खुद को बारिश और तेज हवाओं से बचाने के लिए गांव के मठ परिसर में पहुंच गए।

मठ के पास कई वर्षों पुराना एक विशाल पीपल का पेड़ खड़ा था। तेज आंधी के चलते पेड़ पर दबाव बढ़ता गया और कुछ ही देर में वह जड़ से उखड़कर सीधे मठ पर जा गिरा।

मठ ढहते ही मलबे में दब गए अहिवरन

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पेड़ गिरते ही मठ की छत और दीवारें भरभराकर ढह गईं। अंदर मौजूद अहिवरन सिंह को संभलने या बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। वह मलबे के नीचे दब गए। हादसे की जोरदार आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया।

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लोगों ने हाथों से मलबा हटाने का प्रयास किया, लेकिन मठ पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था। ऐसे में ग्रामीणों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

ग्रामीणों ने निकाला, लेकिन तब तक थम चुकी थीं सांसें

काफी देर तक चले बचाव अभियान के बाद ग्रामीण अहिवरन सिंह को मलबे से बाहर निकालने में सफल हुए, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलते ही परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। परिवार की चीख-पुकार सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

गांव में पसरा मातम

जिस मठ को अहिवरन सिंह ने अपनी सुरक्षा के लिए चुना था। वही उनकी जिंदगी का आखिरी पड़ाव बन गया। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे सैंडोला गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीण प्रकृति के इस कहर और एक परिवार पर टूटे दुख के पहाड़ की चर्चा कर रहे हैं। गांव में पसरा सन्नाटा इस हादसे की भयावहता को बयां कर रहा है।

Location :  Budaun

Published :  1 June 2026, 2:04 PM IST

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