महाराजगंज के लक्ष्मीपुर की वृहद गौशाला में जर्जर टिनशेड ने बढ़ाई गोवंश की मुश्किलें

महराजगंज में यूपी सरकार की ओर से निराश्रित गोवंश के संरक्षणके लिए गौशालाओं का संचालन कराया जा रहा है। इसके लिए बजट जारी कर पशुओं के चारे, पानी, इलाज और रहने की व्यवस्था की जाती है। लेकिन इन व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए डाइनामाइट न्यूज़ की टीम ने लक्ष्मीपुर ब्लॉक के कोट कम्हरिया गांव स्थित वृहद गौशाला केंद्र का जायजा लिया।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 2 November 2026, 7:01 PM IST
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Maharajganj: उत्तर प्रदेश के महाराजगंज में यूपी सरकार की ओर से निराश्रित गोवंश के संरक्षण और देखरेख के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गौशालाओं का संचालन कराया जा रहा है। इसके लिए बजट जारी कर पशुओं के चारे, पानी, इलाज और रहने की व्यवस्था की जाती है। लेकिन इन व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए डाइनामाइट न्यूज़ की टीम ने लक्ष्मीपुर ब्लॉक के कोट कम्हरिया गांव स्थित वृहद गौशाला केंद्र का जायजा लिया। पड़ताल के दौरान जहां कुछ व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं, वहीं जर्जर टिनशेड और साफ-सफाई को लेकर सुधार की जरूरत सामने आई।

डाइनामाइट न्यूज़ की टीम

डाइनामाइट न्यूज़ की टीम ने गौशाला केंद्र का जायजा लिया

गौशाला में टिनशेड की हालत जर्जर

गौशाला परिसर में गोवंश के रहने के लिए बनाए गए टिनशेड की हालत जर्जर दिखी। बरसात के दिनों में टिनशेड से पानी टपकने की वजह से नीचे रहने वाले पशुओं को परेशानी हो रही है। इस संबंध में स्थानीय सचिव पवन गुप्ता ने बताया कि टिनशेड की मरम्मत के लिए स्टीमेट तैयार करके जिला स्तर पर भेज दिया गया है। बजट स्वीकृत होने के बाद मरम्मत का कार्य शुरू कराया जाएगा।

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गौशाला के रजिस्टर में कुल 259 गोवंश दर्ज हैं, जिनमें से दो पशुओं को बीमार बताया गया है। स्थानीय पशु चिकित्सा अधिकारी रणधीर प्रसाद ने बताया कि बीमार पशुओं का नियमित उपचार किया जाता है। उन्होंने सोमवार को भी गौशाला पहुंचकर बीमार पशुओं की जांच की और आवश्यक दवाएं भी दीं।

गौशाला में नौ कर्मचारी तैनात

वहीं गौशाला में कुल नौ कर्मचारी तैनात मिले। कर्मचारियों के मुताबिक पशुओं को दिन में दो बार साइलेज खिलाया जाता है। साथ ही पीने के पानी की व्यवस्था भी संतोषजनक मिली। हालांकि परिसर में साफ-सफाई को लेकर कुछ कमियां ज़रूर नजर आईं, जिन्हें दूर करने की आवश्यकता है। इसी संबंध में खंड विकास अधिकारी मृत्युंजय कुमार ने बताया कि उनके द्वारा समय-समय पर गौशाला का निरीक्षण किया जाता है। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों को दूर कराने का प्रयास किया जाता है। गौशाला में जो भी कमियां हैं, उन्हें जल्द दुरुस्त भी करा दिया जाएगा।

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अब सवाल यह है कि टिनशेड की मरम्मत के लिए भेजे गए स्टीमेट को कब तक मंजूरी मिलती है और गोवंश को बेहतर आश्रय उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन कितनी जल्दी कदम उठाता है? फिलहाल गौशाला में चारा-पानी और चिकित्सा की व्यवस्था के साथ जर्जर टिनशेड की समस्या पर जिम्मेदारों का ध्यान जाना जरूरी है।

Location :  Maharajganj

Published :  2 November 2026, 6:13 PM IST

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