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अमृत सरोवर या मौत का जाल? (Img: Dynamite News)
Maharajganj: महराजगंज में नौतनवा विकास खंड के ग्राम पंचायत शेष फरेंदा में अमृत सरोवर के सौंदर्यीकरण कार्य के तहत बने गेट के अचानक ढहने से 13 वर्षीय विक्की पुत्र वीरेंद्र यादव की मौत के मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। हादसे के एक दिन बाद जिलाधिकारी ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच के आदेश देते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है। इस कार्रवाई को घटना के बाद सामने आए सवालों और ग्रामीणों की नाराजगी के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जिलाधिकारी द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, एसडीएम नौतनवा की अध्यक्षता में गठित समिति को तीन दिन के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। समिति में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) के अधिशासी अभियंता तथा जिला पंचायतराज अधिकारी को सदस्य बनाया गया है। जांच टीम निर्माण कार्य की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों के पालन, कार्यदायी संस्था की भूमिका तथा निगरानी में हुई संभावित लापरवाही की पड़ताल करेगी।
गौरतलब है कि शनिवार को अमृत सरोवर परिसर में बना प्रवेश द्वार अचानक भरभराकर गिर गया था। हादसे के समय वहां मौजूद विक्की मलबे की चपेट में आ गया था। गंभीर रूप से घायल बालक को परिजन और ग्रामीण तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया था।
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हादसे के बाद ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप हुआ होता तो इतनी बड़ी दुर्घटना नहीं होती। वहीं प्रशासन अब यह जानने की कोशिश में जुटा है कि गेट के निर्माण में कहीं तकनीकी खामी या निर्माण संबंधी अनियमितता तो नहीं हुई थी।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि जांच में जिस किसी की भी लापरवाही सामने आएगी, उसके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में अब पूरे मामले की निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट आने के बाद यह तय होगा कि मासूम की जान लेने वाले इस हादसे के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है और किस पर कार्रवाई की गाज गिरती है।
Location : Maharajganj
Published : 20 June 2026, 7:58 PM IST