Ram Mandir Donation Row: चढ़ावे को लेकर बढ़ा विवाद, 60 किलो चांदी की ईंटों पर उठे सवाल

राम मंदिर चढ़ावा विवाद में नया दावा सामने आया है। दानदाताओं ने 60 किलो चांदी की ईंटों, चांदी के दीपकों और अन्य दान सामग्री का सार्वजनिक हिसाब मांगते हुए पारदर्शिता की मांग की है।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 20 June 2026, 8:10 PM IST
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Ayodhya: राम मंदिर में चढ़ावे और दान सामग्री को लेकर उठे विवाद में लगातार नए दावे सामने आ रहे हैं। अब इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि मंदिर निर्माण के दौरान दान में दी गई करीब 60 किलो चांदी की ईंटों समेत कई मूल्यवान वस्तुओं का सार्वजनिक विवरण अब तक सामने नहीं आया है। इसे लेकर दानदाताओं ने पारदर्शिता की मांग तेज कर दी है।

इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के नॉर्थ इंडिया हेड अनुराग रस्तोगी के अनुसार, देशभर के सराफा कारोबारियों ने 10-10 और 20-20 ग्राम चांदी का योगदान देकर करीब 60 किलो चांदी इकट्ठी की थी। इस चांदी को गलाकर एक से सवा किलो वजन की कई ईंटें तैयार की गई थीं, जिन पर दानदाताओं के नाम और गोत्र अंकित थे।

उनके अनुसार, इसके अलावा ऋषिकेश एसोसिएशन की ओर से एक किलो चांदी का कलश भी मंदिर निर्माण के लिए भेंट किया गया था।

रसीद और शुद्धता प्रमाण पत्र मिलने का दावा

रस्तोगी का कहना है कि 20 जुलाई 2020 को संबंधित दान सामग्री अयोध्या में मंदिर ट्रस्ट के प्रतिनिधियों को सौंपी गई थी। दान स्वीकार किए जाने के बाद रसीद और शुद्धता प्रमाण पत्र भी जारी किए गए थे। उनका दावा है कि उस समय इन चांदी की ईंटों को मंदिर की नींव पूजन प्रक्रिया में उपयोग करने का अनुरोध भी किया गया था।

हालांकि बाद में इन ईंटों के उपयोग या वर्तमान स्थिति को लेकर कोई सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।

अखंड ज्योति के दीपक और चांदी के बर्तनों पर भी सवाल

अनुराग रस्तोगी ने यह भी दावा किया है कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से एक-एक किलो वजन के दो चांदी के दीपक, दो चांदी के कटोरे, 200 ग्राम की पंचधातु सिल्ली और नाग-नागिन का जोड़ा दान किया था।

उनके मुताबिक, दान किए गए दीपकों में से एक में अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित की गई थी, जिसकी तस्वीरें भी विभिन्न अवसरों पर सामने आई थीं। उनका कहना है कि मंदिर के भव्य स्वरूप के निर्माण के बाद अब न तो वह दीपक दिखाई देता है और न ही भगवान के भोग के लिए दान किए गए चांदी के कटोरे।

दानदाताओं ने मांगा पूरा ब्योरा

दानदाताओं का कहना है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस विषय पर पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने मंदिर निर्माण और पूजा-अर्चना के लिए प्राप्त सभी दान सामग्री का सार्वजनिक विवरण जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे न केवल दानदाताओं की शंकाएं दूर होंगी बल्कि मंदिर प्रबंधन को लेकर उठ रहे सवालों का भी जवाब मिल सकेगा।

Location :  Ayodhya

Published :  20 June 2026, 8:10 PM IST

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