यूपी के कैबिनेट मंत्री के बेटे की मौत के बाद अस्पताल में हंगामा, बरेली में जमकर हुआ बवाल

बरेली के आंवला में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह के बेटे डॉ. दुष्यंत सिंह के निरामया मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में सड़क हादसे में घायल युवक की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने इलाज में लापरवाही और समय पर रेफर नहीं करने का आरोप लगाया। अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों से इनकार किया है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 23 August 2026, 8:47 PM IST
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Bareilly News: बरेली के आंवला में एक युवक की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। मामला पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह के बेटे डॉ. दुष्यंत सिंह के निरामया मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल का है, जहां सड़क हादसे में घायल 23 वर्षीय मनोज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। युवक की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए करीब चार घंटे तक हंगामा किया। परिजनों का आरोप था कि मनोज की हालत लगातार बिगड़ रही थी, लेकिन इसके बावजूद उसे समय पर बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल रेफर नहीं किया गया। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार किया है।

टैंकर की टक्कर में घायल हुआ था मनोज

जानकारी के मुताबिक, आंवला-भमोरा मार्ग पर रमनगला गांव के पास शनिवार दोपहर करीब एक बजे बड़ा हादसा हुआ था। प्रेमराजपुर निवासी मनोज अपनी नानी भूरी देवी (65) के साथ बाइक से जा रहा था। इसी दौरान बाइक टैंकर की चपेट में आ गई। हादसे में भूरी देवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मनोज गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए रेलवे स्टेशन रोड स्थित निरामया मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

मनोज के रिश्तेदार यादराम ने बताया कि अस्पताल में भर्ती होने के बाद युवक की हालत लगातार खराब होती गई। परिवार ने कई बार डॉक्टरों से उसे किसी बड़े चिकित्सा केंद्र में रेफर करने की मांग की, लेकिन आरोप है कि समय रहते प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। परिजनों का कहना है कि जब अस्पताल प्रबंधन रेफर करने के लिए तैयार हुआ, तब तक कागजी प्रक्रिया में काफी समय लग गया। इसी दौरान मनोज की मौत हो गई। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया।

चार घंटे तक चलता रहा हंगामा

घटना के बाद शाम करीब चार बजे से अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू हो गया। परिजन अस्पताल में ही डटे रहे और पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे। इस दौरान मनोज का शव अस्पताल परिसर में खड़ी एंबुलेंस में रखा रहा।

एमडी के पहुंचने के बाद शांत हुआ मामला

रात करीब आठ बजे अस्पताल के एमडी डॉ. दुष्यंत सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बातचीत की और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शांत हुए। रात करीब साढ़े आठ बजे पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल मामले में परिजनों के आरोपों और अस्पताल प्रबंधन के दावों की जांच की जा रही है।

अस्पताल ने आरोपों से किया इनकार

अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीज का इलाज पूरी गंभीरता के साथ किया गया था और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती गई। वहीं पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Location :  Bareilly

Published :  23 August 2026, 8:47 PM IST

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