10 साड़ी और 16 हजार रुपये में 12 साल की मासूम की जिंदगी का सौदा, चार महीने तक हुआ ऐसा खौफनाक खेल कि कांप उठेगा दिल

एक 12 साल की बच्ची की जिंदगी उस वक्त उजड़ गई जब उसे अपनी ही मां ने एक सौदे के तहत किसी अजनबी के हवाले कर दिया। चार महीने तक उसके साथ जो कुछ हुआ, वह किसी के भी रोंगटे खड़े कर सकता है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 24 May 2026, 10:59 AM IST
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Varanasi: उत्तर प्रदेश और बिहार की सरहद से जुड़ा यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज को झकझोर देने वाली उस सच्चाई की कहानी है, जहां गरीबी, लालच और अपराध ने मिलकर एक 12 साल की मासूम बच्ची की जिंदगी को नरक बना दिया। 10 साड़ियों और 16 हजार रुपये की कीमत में जब एक मां ने अपनी ही बेटी को ‘सौंप’ दिया, तो किसी ने नहीं सोचा था कि आगे का सफर इतना भयावह होगा।

यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि इंसानियत पर लगा सबसे बड़ा सवाल बन गया है। जिस उम्र में बच्ची को स्कूल और खेल की जरूरत थी, उस उम्र में उसे एक ऐसे अंधेरे में धकेल दिया गया, जहां से लौटना लगभग नामुमकिन था। यह घटना जनवरी 2026 की है, लेकिन इसका खुलासा चार महीने बाद हुआ, जब पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर जांच शुरू की। मामला सामने आते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

दिखावे की शादी, असल में कैद की साजिश

जानकारी के अनुसार, एक 12 साल की बच्ची को उसकी ही मां ने 10 साड़ी और 16 हजार रुपये के बदले चंदौली के लहरू यादव को सौंप दिया। आरोपी लहरू यादव (40) ने बच्ची को अपने साथ रखने से पहले समाज को भ्रमित करने के लिए एक मंदिर में ‘दिखावटी शादी’ का नाटक रचा। बाहर से यह एक पारिवारिक रिश्ता दिखाया गया, लेकिन अंदर की सच्चाई इससे बिल्कुल अलग थी। बच्ची को धीरे-धीरे उसके परिवार और दुनिया से अलग कर दिया गया, ताकि उसकी आवाज कहीं पहुंच ही न सके।

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चार महीने का अंधेरा और एक मासूम की बेबसी

चार महीनों तक वह बच्ची एक ऐसे माहौल में रही जहां डर, दबाव और नियंत्रण उसके हर पल का हिस्सा बन चुके थे। इस दौरान उसके साथ लगातार गलत व्यवहार किया गया। न तो उसे बाहर की दुनिया से संपर्क करने दिया गया और न ही किसी से मदद मांगने का मौका मिला। यह पूरा समय उसके लिए एक बंद कमरे जैसी जिंदगी बन चुका था, जहां उम्मीदें दम तोड़ रही थीं।

रास्ते पर छोड़ी गई मासूमियत

19 मई को आरोपी अचानक उसे वाराणसी के मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन पर छोड़कर भाग गया। अकेली, डरी हुई और अनजान शहर में वह मदद की तलाश में भटक रही थी। इसी दौरान एक ऑटो चालक ने उसे अपने जाल में फंसा लिया। मदद का भरोसा देकर उसे अपने साथ ले गया, लेकिन वहां भी उसके साथ गलत हुआ।

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पुलिस की कार्रवाई और खुला सच

सारनाथ थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर 21 मई को गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया। इसके बाद जांच में तेजी लाई गई और कुछ ही दिनों में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने फरीदपुर अंडरपास और सारनाथ रेलवे स्टेशन के पास से मां, लहरू यादव और एक अन्य आरोपी को पकड़ लिया।

Location :  Varanasi

Published :  24 May 2026, 10:59 AM IST

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