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योगी सरकार का बड़ा फैसला (Img: X)
Lucknow: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में कुल 29 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें शाहजहांपुर के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलकर परशुराम पुरी करने का फैसला सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। इसके साथ ही प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 को भी मंजूरी दे दी गई।
जलालाबाद का नाम बदलने की प्रक्रिया कई साल पहले शुरू हुई थी। नगर पालिका परिषद ने इस संबंध में साल 2018 और बाद में 2023 में प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार को भेजा था। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं और केंद्र सरकार से भी अनुमति मिलने के बाद अब राज्य कैबिनेट ने अंतिम मंजूरी दे दी है। इस फैसले के साथ अब जलालाबाद की आधिकारिक पहचान परशुराम पुरी के नाम से होगी।
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स्थानीय मान्यताओं और कई पौराणिक उल्लेखों के अनुसार, यह क्षेत्र भगवान परशुराम की जन्मस्थली माना जाता है। यहां स्थित प्राचीन परशुराम मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए सरकार ने पहले इस स्थान को परशुराम जन्मभूमि के रूप में मान्यता दी थी। अब नाम परिवर्तन के जरिए उसी पहचान को आधिकारिक रूप दिया गया है। वहीं, जलालाबाद नाम को लेकर यह भी माना जाता है कि इसका संबंध मुगल सम्राट अकबर के नाम जलालुद्दीन से रहा है।
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 को भी मंजूरी दी है। यह नीति अगले पांच वर्षों तक लागू रहेगी और इसका उद्देश्य प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति को मजबूत करना है। नई व्यवस्था के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डीप-टेक और अन्य आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में काम करने वाले स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता, संस्थागत सहयोग और बेहतर संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला उद्यमी बनाना और राज्य को देश के अग्रणी स्टार्टअप हब के रूप में स्थापित करना है।
Location : Lucknow
Published : 6 July 2026, 2:11 PM IST