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हर दिन छा रहे काले बादल (Img: AI)
New Delhi: दिल्ली-एनसीआर में पिछले कई दिनों से आसमान में बादल छाए हुए हैं, लेकिन अच्छी बारिश नहीं हो रही। इससे लोगों को गर्मी और उमस दोनों का सामना करना पड़ रहा है। आमतौर पर जून के मध्य तक दिल्ली में मानसून पहुंच जाता है, लेकिन इस बार बारिश की रफ्तार काफी धीमी है। ऐसे में हर किसी के मन में सवाल है कि आखिर मानसून रुक क्यों गया है?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बार अल-नीनो की वजह से मानसून कमजोर पड़ा है। अल-नीनो एक ऐसी मौसमीय स्थिति है, जिसमें प्रशांत महासागर का पानी सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है। इसका असर हवा की दिशा पर पड़ता है और भारत तक पहुंचने वाली बारिश वाली हवाएं कमजोर हो जाती हैं। इसी कारण दिल्ली समेत उत्तर भारत में बारिश कम हो रही है।
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी तो दिल्ली तक पहुंच रही है, इसलिए आसमान में बादल दिखाई देते हैं। लेकिन ऊपर की तरफ चलने वाली सूखी हवाएं और ज्यादा दबाव वाले मौसम की वजह से बादल बरस नहीं पा रहे हैं। इसी कारण बादल तो बने रहते हैं, लेकिन बारिश नहीं होती।
बारिश में देरी का असर किसानों पर भी पड़ रहा है। दिल्ली के आसपास के इलाकों में धान की रोपाई प्रभावित हो रही है। वहीं शहर में गर्मी और उमस बढ़ने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। लगातार एसी और कूलर चलने से बिजली की खपत भी बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में डिहाइड्रेशन, वायरल बुखार और सांस से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में मौसम बदल सकता है और अच्छी बारिश होने की संभावना है। हालांकि, फिलहाल मानसून की चाल पूरी तरह सामान्य नहीं है। इसलिए लोगों को कुछ दिन और इंतजार करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलता मौसम और जलवायु परिवर्तन अब मानसून के पैटर्न को भी प्रभावित कर रहे हैं।
Location : New Delhi
Published : 6 July 2026, 2:59 PM IST