Gonda: गोंडा का चमत्कारी शिवलिंग! जिस पर आज भी दिखते हैं ये निशान, मान्यता जानकर रह जाएंगे दंग!

गोंडा जिले में स्थित एक प्राचीन शिव मंदिर अपनी धार्मिक आस्था और रहस्यमयी मान्यताओं के कारण दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। यह मंदिर बाबा बालेश्वर नाथ मंदिर के नाम से जाना जाता है, जहां भक्तों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। इस मंदिर के शिवलिंग की एक विशेष पहचान यह मानी जाती है कि इसके बीच में एक प्राकृतिक..

Updated : 28 May 2026, 6:52 PM IST
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Baba Baleshwar Nath Temple Gonda: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में स्थित एक प्राचीन शिव मंदिर अपनी धार्मिक आस्था और रहस्यमयी मान्यताओं के कारण दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। यह मंदिर बाबा बालेश्वर नाथ मंदिर के नाम से जाना जाता है, जहां भक्तों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से जलाभिषेक करने पर भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। सावन माह और अधिमास के दौरान यहां हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, जबकि हर सोमवार और तेरस को भी विशेष पूजा-अर्चना और भीड़ देखने को मिलती है।

इस मंदिर में भगवान शिव का एक प्राचीन शिवलिंग स्थापित है, जिसकी एक विशेष पहचान यह मानी जाती है कि इसके बीच में एक प्राकृतिक धार (रेखा) दिखाई देती है। इस शिवलिंग से जुड़ी मान्यताएं इसे और भी विशेष बनाती हैं।

लगभग 500 साल पुराना इतिहास

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यह मंदिर करीब 500 वर्ष पुराना माना जाता है। कहा जाता है कि पहले यहां घना जंगल हुआ करता था, जहां एक बेल के पेड़ के नीचे शिवलिंग प्रकट हुआ। इसी कारण इस शिवलिंग को बालेश्वर नाथ के नाम से पूजा जाने लगा।

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चमत्कारिक घटनाओं की लोककथाएं

मंदिर से जुड़ी एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार, जब उस बेल के पेड़ को काटा जा रहा था, तब अचानक पेड़ से रक्त जैसा द्रव निकलने लगा। इसी दौरान वहां कई सांप और बिच्छू भी दिखाई देने लगे, जिससे लोगों में किसी दिव्य शक्ति की का एहसास हुआ। माना जाता है कि जिस आरी से पेड़ काटा गया था, उसका निशान आज भी शिवलिंग पर देखा जा सकता है, जिसे भक्त चमत्कार के रूप में मानते हैं।

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आस्था और भक्ति का केंद्र

बाबा बालेश्वर नाथ मंदिर आज गोंडा जिले का प्रमुख धार्मिक स्थल बन चुका है। यहां आने वाले श्रद्धालु मानते हैं कि सोमवार के दिन जलाभिषेक करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। रामायण पाठ, भागवत कथा और अन्य धार्मिक आयोजन समय-समय पर यहां होते रहते हैं, जो इस मंदिर की आध्यात्मिक महत्ता को और बढ़ाते हैं। आज भी यह मंदिर आस्था, चमत्कार और भक्ति का एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है, जहां श्रद्धालु दूर-दूर से दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

Location :  Gonda

Published :  28 May 2026, 6:45 PM IST

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