न दिन में राहत न रात में सुकून, जानिए बिजली संकट से आखिर कैसे जूझ रहे यूपी के लोग

यूपी के फरीदाबाद और बुलंदशहर में बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। घंटों बिजली गुल रहने से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। पानी की किल्लत, उमस भरी रातें और लो-वोल्टेज ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है।

Updated : 3 June 2026, 9:10 AM IST
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Lucknow: भीषण गर्मी के बीच फरीदाबाद के गाजीपुर क्षेत्र और बुलंदशहर जनपद में बिजली संकट गहराता जा रहा है। लगातार हो रही बिजली कटौती, बार-बार ट्रिपिंग और तकनीकी खराबियों के कारण लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। कई-कई घंटों तक बिजली गुल रहने से उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक दिक्कत छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को हो रही है, जिन्हें गर्मी और उमस के बीच राहत नहीं मिल पा रही है।

रात की नींद और दिन का चैन दोनों छिने

स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन के साथ-साथ रात में भी लगातार बिजली कटने से आराम करना मुश्किल हो गया है। घरों में लगे पंखे, कूलर और अन्य जरूरी उपकरण बंद हो जाते हैं, जिससे लोग उमस भरी गर्मी में रहने को मजबूर हैं। रात के समय होने वाली बार-बार की कटौती के कारण लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है। कई परिवारों को घरों के बाहर या छतों पर समय बिताना पड़ रहा है।

गाजीपुर क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों से शिकायत की है, लेकिन अब तक समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद बिजली आपूर्ति व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।

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पेयजल संकट ने बढ़ाई परेशानी

बिजली संकट का असर केवल रोशनी और ठंडक तक सीमित नहीं है, बल्कि पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। बिजली न होने से पानी की मोटरें नहीं चल पा रही हैं, जिसके कारण लोगों को पानी की किल्लत झेलनी पड़ रही है।

गाजीपुर के एक निवासी ने बताया कि मोटर नहीं चलने के कारण घरों में पानी की उपलब्धता प्रभावित हो रही है और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो रहा है। वहीं नेहा का कहना है कि सुबह और शाम के समय पानी भरने के लिए अतिरिक्त इंतजार करना पड़ता है, जिससे घरेलू कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

ओवरलोडिंग और तकनीकी खराबियां बनीं संकट की वजह

बुलंदशहर में भीषण गर्मी के कारण बिजली व्यवस्था पूरी तरह दबाव में है। एयर कंडीशनर और कूलरों का उपयोग बढ़ने से बिजली प्रणाली पर लोड अचानक बढ़ गया है। इसके चलते जगह-जगह तकनीकी खराबियां सामने आ रही हैं। कहीं केबिल बॉक्स जल रहे हैं तो कहीं सब-स्टेशनों पर लगी रिले खराब हो रही हैं। ट्रांसफार्मरों पर क्षमता से अधिक लोड पड़ने के कारण वे गर्म होकर ट्रिप कर रहे हैं।

इन समस्याओं के चलते शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक अघोषित बिजली कटौती का सिलसिला जारी है। कई इलाकों में लो-वोल्टेज की समस्या भी गंभीर रूप ले चुकी है, जिससे विद्युत उपकरणों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है।

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राहत के प्रयास, लेकिन समस्या बरकरार

उपभोक्ताओं में बढ़ते आक्रोश के बीच विद्युत निगम की टीमें लगातार फाल्ट ठीक करने और आपूर्ति बहाल करने में जुटी हुई हैं। कंट्रोल रूम या स्थानीय स्तर पर शिकायत मिलते ही विभागीय कर्मचारी लाइन और ट्रांसफार्मरों की जांच के लिए पहुंच रहे हैं। हालांकि एक फाल्ट ठीक होने के बाद दूसरी जगह तकनीकी खराबी सामने आ रही है, जिससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।

चीफ इंजीनियर संजीव कुमार के अनुसार भीषण गर्मी के कारण बिजली प्रणाली पर लोड बढ़ गया है, जिससे तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं और फील्ड स्टाफ को अलर्ट पर रखा गया है। वहीं उपभोक्ताओं ने विभाग से जल्द स्थायी समाधान कर नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।

Location :  Lucknow

Published :  3 June 2026, 9:10 AM IST

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