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यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग(Source: Google)
Prayagraj: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने अपनी परीक्षाओं को पूरी तरह सुरक्षित और साफ-सुथरा बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। आयोग के दफ्तर में एक आधुनिक 'कमांड कंट्रोल रूम' बनाया गया है। इसके जरिए परीक्षा के दौरान हर केंद्र और हर कमरे पर पैनी नजर रखी जाएगी, ताकि कहीं भी नकल या गड़बड़ी न हो सके।
अब परीक्षा केंद्रों के हर कमरे में अत्याधुनिक एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे केवल साधारण रिकॉर्डिंग नहीं करेंगे, बल्कि अपनी एडवांस तकनीक से अभ्यर्थियों की हर गतिविधि को भांप लेंगे। परीक्षा हॉल के साथ-साथ केंद्र के आसपास के इलाकों की भी लगातार निगरानी की जाएगी। यदि केंद्र पर कोई भी संदिग्ध हलचल या नियमों का उल्लंघन होता है, तो आयोग मुख्यालय में बैठा स्टाफ इसे तुरंत पकड़ लेगा और तत्काल एक्शन लिया जा सकेगा।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने कार्यभार संभालते ही रुकी हुई भर्तियों को गति देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में, नई तकनीक का सबसे पहला उपयोग 18 और 19 अप्रैल को होने वाली विज्ञापन संख्या-51 की 'असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती पुनर्परीक्षा' में किया जाएगा। अध्यक्ष ने पिछले दिनों कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस मौके पर आयोग के सचिव, परीक्षा नियंत्रक और तकनीकी टीम के सदस्य भी मौजूद रहे।
परीक्षा प्रक्रिया को और मजबूत बनाने के लिए सभी अभ्यर्थियों की बायोमैट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की गई है। इसमें उम्मीदवारों का सत्यापन किया जाएगा, जिसका सीधा प्रसारण आयोग के कंट्रोल रूम में उपलब्ध रहेगा। इसका फायदा यह होगा कि किसी भी अभ्यर्थी की पहचान को लेकर कोई संशय नहीं रहेगा। आयोग का मानना है कि इस डिजिटल निगरानी से परीक्षाओं में पारदर्शिता आएगी और मेहनत करने वाले छात्रों को उनका हक मिलेगा। अब किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में अधिकारी सीधे कंट्रोल रूम से केंद्र को निर्देश देकर सख्त कार्रवाई कर सकेंगे।
Location : Prayagraj
Published : 9 April 2026, 1:03 PM IST